मेदिनीनगर से रमेश रंजन की रिपोर्ट
मेदिनीनगर. पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर से करीब 30 किलोमीटर दूर सतबरवा प्रखंड क्षेत्र में स्थित मुरमा-कठौतिया मलय डैम इन दिनों लोगों को खूब खींच रहा है. बारिश के मौसम में लबालब भरे जलाशय और स्पीलवे से तेज धार में बहते पानी का सुंदर नज़ारा पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहा है. सतबरवा, पलामू, लातेहार और गढ़वा सहित आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग यहां आ रहे हैं. वे प्राकृतिक सुंदरता का मज़ा ले रहे हैं.
डैम का जलस्तर बढ़ने के बाद स्पीलवे से पानी का बहाव यहां का मुख्य आकर्षण बना हुआ है. पर्यटक घंटों जलाशय, हरियाली और आसपास की पहाड़ियों के सुंदर नज़ारे निहार रहे हैं. मोबाइल फोन और कैमरों से तस्वीरें व वीडियो बनाने का सिलसिला भी जारी है. कई लोग ड्रोन कैमरे से डैम और आसपास के प्राकृतिक नजारों को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं. एक पर्यटक ने कहा, "यहाँ का नज़ारा देखकर मन को शांति मिलती है, ऐसा लगता है जैसे प्रकृति गोद में आ गए हों."
सात पहाड़ियों से घिरा है मलय डैम
मलय डैम की खूबसूरती को चारों ओर मौजूद सात पहाड़ियां और बढ़ा देती हैं. पहाड़ियों, हरियाली और जलाशय का प्राकृतिक संगम पर्यटकों को खासा आकर्षित करता है. करीब तीन से चार किलोमीटर क्षेत्र में फैले जलाशय में दूर तक पानी ही पानी नज़र आता है. यहां नौका विहार के लिए स्पीड बोट, पैडल बोट समेत कई नावों की व्यवस्था है.
परिवार और दोस्तों के साथ पहुंचने वाले पर्यटक नौका विहार का भी मज़ा ले रहे हैं. पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आसपास नाश्ते और खाने-पीने की छोटी दुकानें भी खुलने लगी हैं. इससे स्थानीय स्तर पर रोज़गार और छोटे कारोबार के विस्तार के बहुत मौके हैं.
सैलानियों के लिए सुविधाओं का हुआ विस्तार
डैम की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ, यहां पर्यटकों की सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा रहा है. पर्यटकों के बढ़ते रुझान को देखते हुए पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन ने क्षेत्र में कई बुनियादी सुविधाएं विकसित की हैं. पक्की सड़क, शौचालय, पेयजल, बैठने के लिए कुर्सियां और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं. हालांकि पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इन सुविधाओं के और विस्तार की ज़रूरत महसूस की जा रही है.
कलाकारों के लिए भी पसंदीदा शूटिंग लोकेशन
मलय डैम की प्राकृतिक खूबसूरती अब कलाकारों और वीडियो निर्माताओं को भी आकर्षित कर रही है. पिछले हफ़्ते लोक गायक दिनेश मोहक यादव के नागपुरी एल्बम की शूटिंग यहां हुई थी.
शूटिंग देखने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे. इसके अलावा समय-समय पर अन्य कलाकारों और वीडियोग्राफी टीमों द्वारा भी डैम क्षेत्र में शूटिंग की जाती है. इससे मलय डैम की पहचान पर्यटन स्थल के साथ-साथ शूटिंग लोकेशन के रूप में भी बनने लगी है.
लोगों को पर्यटन से रोज़गार की उम्मीद
जलाशय, पहाड़ियां, हरियाली और प्राकृतिक वातावरण को देखते हुए मलय डैम में पर्यटन के विकास की पर्याप्त संभावनाएं हैं. यदि पर्यटकों की ज़रूरत के अनुसार सुविधाओं का योजनाबद्ध तरीके से विस्तार किया जाए तो इसे क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन और पिकनिक स्थलों में विकसित किया जा सकता है.
लेस्लीगंज से पहुंचे सरिता देवी और संतोष कुमार समेत अन्य सैलानियों का कहना है कि मलय डैम को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने से इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा. "यह जगह बहुत खूबसूरत है. हमें उम्मीद है कि सरकार यहाँ और बेहतर सुविधाएँ देगी ताकि यहाँ आने वाले लोगों को और मज़ा आए, साथ ही हमारे जैसे स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार के नए अवसर भी खुलेंगे.
हम चाहते हैं कि इस डैम की सुंदरता को दुनिया देखे और यहाँ आकर प्रकृति का मज़ा ले," सरिता देवी ने कहा. पर्यटन बढ़ने से होटल, भोजन, नौका विहार और अन्य छोटे कारोबार के माध्यम से रोज़गार के अवसर पैदा हो सकते हैं. इससे स्थानीय युवाओं को रोज़गार के लिए दूसरे प्रदेशों में पलायन करने की ज़रूरत भी कम हो सकती है.
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बढ़ती भीड़ के बीच सुरक्षा भी ज़रूरी
पर्यटकों की लगातार बढ़ती भीड़ के बीच मलय डैम में सुरक्षा व्यवस्था भी महत्वपूर्ण मुद्दा बनती जा रही है. असुरक्षित जगहों पर चेतावनी बोर्ड न होने से हर पल खतरा मंडरा रहा है, और हादसों को रोकने के लिए फौरन बैरिकेडिंग और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती जरूरी है. विशेष रूप से बच्चों और युवाओं के पानी के करीब जाने के दौरान अतिरिक्त सतर्कता ज़रूरी है. स्थानीय पुलिस की ओर से समय-समय पर क्षेत्र में गश्ती की जाती है, लेकिन पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत करने की ज़रूरत महसूस की जा रही है.
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