“जो खुद से नहीं हारा, उसे कोई नहीं हरा सकता”, एसडीएम ने छात्रों को दिया सफलता का मंत्र

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को एसडीएम संजय पांडेय ने सफलता के मंत्र दिए. उन्होंने असफलता से सीख लेने, निरंतर परिश्रम करने और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने की प्रेरणा दी.

मेदिनीनगर. पलामू के सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय पांडेय शनिवार को पलामू पाठशाला के विशेष ऑनलाइन वेबिनार में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहने, कठिन परिश्रम करने और असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. एसडीएम ने कहा कि जो स्वयं से नहीं हारा, उसे कोई नहीं हरा सकता. सफलता के लिए निरंतरता सबसे बड़ी कुंजी है. श्रेय मिले या न मिले, व्यक्ति को अपना श्रेष्ठ देते रहना चाहिए.

राजकीयकृत सर्वोदय प्लस टू उच्च विद्यालय, सतबरवा के विज्ञान शिक्षक अभिषेक कुमार तिवारी की पहल से कोविड काल से संचालित ‘पलामू पाठशाला’ के तहत यह वेबिनार आयोजित किया गया था. गूगल मीट के माध्यम से रात आठ बजे से 8.40 बजे तक चले सत्र में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के 100 से अधिक छात्र-छात्राएं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी और शिक्षाप्रेमी जुड़े.

शिक्षक से प्रशासनिक अधिकारी बनने का सफर साझा किया

एसडीएम संजय पांडेय ने विद्यार्थियों के साथ अपने शैक्षणिक और प्रशासनिक जीवन के अनुभव साझा किये. उन्होंने बताया कि करीम सिटी कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने भौतिकी में स्नातक प्रतिष्ठा तथा इतिहास में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की. वर्ष 1998 में पीटी शिक्षक के रूप में करियर शुरू किया और करीब 13 वर्षों तक अध्यापन कार्य किया. इसके बाद जेपीएससी की संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर वर्ष 2012 बैच में प्रशासनिक सेवा में चयनित हुए.

उन्होंने कहा कि शिक्षक के रूप में कार्य करते हुए प्रशासनिक सेवा में आने तक का सफर आसान नहीं था. निरंतर प्रयास, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. उन्होंने कहा कि पलामू की धरती से उनका पुराना जुड़ाव रहा है और इसी क्षेत्र के लोगों की सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व की बात है.

मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी की सलाह

एसडीएम ने कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल और सोशल मीडिया विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़ा डिस्ट्रैक्शन बन गया है. मोबाइल का उपयोग जरूरत के अनुसार किया जाना चाहिए. सफलता के लिए मोबाइल से अधिक समय किताबों और लक्ष्य को देना होगा. उन्होंने कहा, “विकल्प उत्साह का हनन है.” इसलिए विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह केंद्रित रहना चाहिए.

उन्होंने कर्म के सिद्धांत को समझाते हुए कहा कि तैयारी में इनपुट जितना मजबूत होगा, आउटपुट भी उतना ही बेहतर मिलेगा. इसके लिए पढ़ाई के प्रति आंतरिक ईमानदारी जरूरी है. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी या प्रशासनिक पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि संवेदनशील, विनम्र और संस्कारवान नागरिक बनना भी है.

असफलता से सीख लेकर आगे बढ़ें

उन्होंने कहा कि असफलता सफलता की राह दिखाने वाली शिक्षक है. असफल होने पर निराश होने के बजाय अपनी कमियों की पहचान कर उनमें सुधार करना चाहिए. लगातार प्रयास और निरंतरता से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.

विद्यार्थियों ने पूछे सवाल

वेबिनार के प्रश्नोत्तरी सत्र में विद्यार्थियों ने लंबे समय तक पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने, परीक्षा के तनाव, समय प्रबंधन और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी से जुड़े सवाल पूछे. सद्दाम अंसारी, ऋषभ कुमार, ऋषभ सोनी, हिमांशु गुप्ता, सुजीत कुमार, विकाश पांडेय, सुमन कुमार और नमन पाठक समेत कई विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाएं रखीं. एसडीएम ने सभी सवालों का सरल और व्यावहारिक तरीके से जवाब दिया.

कार्यक्रम का संचालन बुनियादी विद्यालय पोलपोल के प्रधानाध्यापक दिनेश कुमार शुक्ला ने किया. कार्यक्रम के अंत में पलामू पाठशाला परिवार और छात्र-छात्राओं ने एसडीएम संजय पांडेय के प्रति आभार जताया. विद्यार्थियों ने कहा कि वेबिनार से उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ लक्ष्य के प्रति एकाग्र रहने और आत्मविश्वास बनाए रखने की प्रेरणा मिली.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By चंद्रशेखर सिंह

चंद्रशेखर सिंह प्रभात खबर से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार हैं और पिछले करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने लंबे समय से पत्रकारिता करियर में क्राइम, सामाजिक मुद्दों और राजनीति से जुड़े विषयों पर व्यापक रूप से काम किया है. मेदिनीनगर (पलामू) में जमीनी स्तर की पत्रकारिता में इनकी खास पकड़ रही है. समाज से जुड़े महत्वपूर्ण और अनदेखे मुद्दों को सामने लाने, आम लोगों की समस्याओं को आवाज देने और सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने के लिए वह जाने जाते हैं. अपराध और राजनीति से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग के साथ-साथ उन्होंने सामाजिक बदलाव और जनहित के मुद्दों पर भी लगातार काम किया है. क्राइम रिपोर्टिंग, सामाजिक सरोकार और राजनीतिक पत्रकारिता उनके प्रमुख कार्यक्षेत्र रहे हैं. तीन दशकों के अनुभव के दौरान उन्होंने बदलते मीडिया परिदृश्य और पत्रकारिता के तौर-तरीकों को करीब से देखा और समझा है. उनकी पत्रकारिता में जमीनी अनुभव, सामाजिक मुद्दों की समझ और तथ्यपरक रिपोर्टिंग को विशेष महत्व मिलता है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >