पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट
JPSC Exam Controversy: झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित धांधली और भर्ती प्रक्रिया में देरी को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है. इसी कड़ी में शुक्रवार शाम पलामू जिला भाजपा ने युवाओं के समर्थन में शहर के छहमुहान चौक पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया और कहा कि भर्ती प्रक्रिया में लगातार हो रही अनियमितताओं ने लाखों अभ्यर्थियों को निराश कर दिया है.
छहमुहान चौक पर भाजपा का जोरदार प्रदर्शन
भाजपा कार्यकर्ता और नेता बड़ी संख्या में छहमुहान चौक पर एकत्र हुए. प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंका. नेताओं ने कहा कि झारखंड के युवा रोजगार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है. प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि राज्य की भर्ती एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, फिर भी सरकार स्थिति स्पष्ट करने के बजाय चुप्पी साधे हुए है.
भर्ती प्रक्रिया पर उठाए सवाल
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने कई भर्ती परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थियों से आवेदन तो लिए, लेकिन समय पर परीक्षाएं आयोजित नहीं की गईं. उनका कहना था कि जिन परीक्षाओं का आयोजन हुआ, वे भी पेपर लीक और कथित धांधली के आरोपों के कारण विवादों में घिर गईं. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इससे लाखों युवाओं का समय, मेहनत और आर्थिक संसाधन प्रभावित हुए हैं. उनका आरोप था कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के कारण अभ्यर्थियों का भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है.
सरकार पर युवाओं की अनदेखी का आरोप
भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के पास युवाओं के रोजगार को लेकर न तो स्पष्ट नीति है और न ही गंभीर इच्छाशक्ति. उनका कहना था कि बेरोजगार युवा अपनी मांगों को लेकर लगातार धरना, प्रदर्शन और सत्याग्रह कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की चुप्पी के कारण राज्य के हजारों अभ्यर्थी मानसिक तनाव और अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी, समयबद्ध और निष्पक्ष बनाने की मांग की.
महाधरने का किया ऐलान
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने घोषणा की कि जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा विवाद के विरोध में शनिवार को समाहरणालय परिसर में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा. उन्होंने कार्यकर्ताओं और युवाओं से बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की. भाजपा नेताओं का कहना था कि यह आंदोलन केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के भविष्य की लड़ाई है. उन्होंने कहा कि जब तक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती और अभ्यर्थियों की मांगों पर सरकार स्पष्ट निर्णय नहीं लेती, तब तक विरोध जारी रहेगा.
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बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया. इस दौरान परशुराम ओझा, नरेंद्र पांडेय, शिवकुमार मिश्र, विजय ठाकुर, अभिमन्यु तिवारी, जितेंद्र तिवारी, विश्वजीत पाठक, विजय कुशवाहा, ओम प्रकाश पप्पू, श्रवण गुप्ता, समर्पण पाठक, शुभम प्रसाद, राजहंस अग्रवाल, ज्योति पांडेय, डॉ. विपुल गुप्ता, छोटू सिंहा, गुड्डू बर्मन, रमाशंकर, विवेक चौबे, नीति सिंह, प्रशांत सिंह, प्रधान सक्सेना, वीरेंद्र प्रसाद, सूरज शुक्ला, प्रभात सिंह, लवली गुप्ता, रीना किशोर, रेणु देवी, मंजू गुप्ता और ललित सहाय सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे. भाजपा नेताओं ने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित कराने के लिए उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा. उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े विवादों का शीघ्र समाधान कर अभ्यर्थियों का विश्वास बहाल किया जाए.
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