बैंक हड़ताल से पलामू में प्रभावित हुआ कामकाज, 47 ग्रामीण बैंक शाखाएं रहीं बंद

झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर हैं। पलामू में 47 शाखाएं बंद रहीं, जिससे 50 करोड़ से अधिक का लेनदेन प्रभावित हुआ।

पलामू. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का पलामू में असर रहा. जिले में विभिन्न बैंकों की शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा. झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक की सभी 47 शाखाएं बंद रहीं और अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल पर रहे. इससे बैंकिंग सेवाएं ठप रहीं और 50 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन के प्रभावित होने का दावा किया गया.

छहमुहान पर किया प्रदर्शन

हड़ताल के समर्थन में ग्रामीण बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों ने छहमुहान के पास प्रदर्शन किया. बैंक अधिकारी अभिषेक अखौरी ने कहा कि राष्ट्रव्यापी हड़ताल पूरी तरह सफल रही. ग्रामीण बैंक की सभी शाखाओं के अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर रहे. शाखाओं में ताला लटका रहा और कामकाज पूरी तरह ठप रहा.

प्रदर्शन के दौरान बैंककर्मियों ने दो सूत्री मांगों को जल्द पूरा करने की मांग सरकार से की. हड़ताल को सफल बनाने में झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक अधिकारी संघ, कर्मचारी संघ और सेवानिवृत्त अधिकारी व कर्मचारी संघ के सदस्य सक्रिय रहे.

पांच दिवसीय बैंकिंग सेवा लागू करने की मांग

बैंककर्मियों की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच दिवसीय बैंकिंग सेवा लागू करना और अधिकारियों व कर्मचारियों को समान रूप से पीएलआइ का भुगतान करना शामिल है. संघ के सदस्यों ने मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की.

हड़ताल को सफल बनाने में मनोज कुमार, संतोष कुमार सिंह, विनायक शर्मा, दिग्विजय प्रकाश, अविनाश पाठक, बृजमोहन कुमार, अशोक कुमार, प्रवीण प्रकाश, रवि कुमार, कौशल राज, धर्मेंद्र कुमार, पंकज कुमार, निशांत कुमार, ऋषिकांत सिन्हा, विक्रांत कुमार, कलश कुमार, श्वेता वर्मा, मासूम, स्वाति कुमारी समेत कई बैंककर्मी शामिल रहे.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By चंद्रशेखर सिंह

चंद्रशेखर सिंह प्रभात खबर से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार हैं और पिछले करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने लंबे समय से पत्रकारिता करियर में क्राइम, सामाजिक मुद्दों और राजनीति से जुड़े विषयों पर व्यापक रूप से काम किया है. मेदिनीनगर (पलामू) में जमीनी स्तर की पत्रकारिता में इनकी खास पकड़ रही है. समाज से जुड़े महत्वपूर्ण और अनदेखे मुद्दों को सामने लाने, आम लोगों की समस्याओं को आवाज देने और सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने के लिए वह जाने जाते हैं. अपराध और राजनीति से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग के साथ-साथ उन्होंने सामाजिक बदलाव और जनहित के मुद्दों पर भी लगातार काम किया है. क्राइम रिपोर्टिंग, सामाजिक सरोकार और राजनीतिक पत्रकारिता उनके प्रमुख कार्यक्षेत्र रहे हैं. तीन दशकों के अनुभव के दौरान उन्होंने बदलते मीडिया परिदृश्य और पत्रकारिता के तौर-तरीकों को करीब से देखा और समझा है. उनकी पत्रकारिता में जमीनी अनुभव, सामाजिक मुद्दों की समझ और तथ्यपरक रिपोर्टिंग को विशेष महत्व मिलता है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >