सतबरवा. प्रखंड क्षेत्र के करमा गांव में स्थित मदरसा नूरिया रजविया गौसिया महमुदुल उलूम में पैगाम- ए- मुस्तफा कॉन्फ्रेंस व जश्ने दस्तार बंदी का आयोजन बुधवार की रात्रि में किया गया. जिसमें में पांच छात्रों को हाफिज के कुरान की उपाधि से नवाजा गया. जलसा की आगाज कारी इकरामुल हक ने कुरान पाक की तिलावत से की. मुख्य अतिथि नसीरे मिल्लत (दुद्धी यूपी ) द्वारा छात्रों को पगड़ी पोशी कर की गयी. उन्होंने कहा की बच्चों को दीनी तालीम के साथ दुनियावी तालीम हासिल करने की जरूरत है. मदरसा को चलाने के लिए सभी वर्ग के लोगों का सहयोग जरूरी होनी चाहिए. मुख्य वक्ता सैयद सबाहत मियां ने मुसलमानों से कहा कि इस्लाम में औरत को पर्दा जरूर करना है व शराब हराम है. इस्लाम कभी भी दूसरे धर्म को बुरा कहने की इजाजत नहीं देता है. जब इंसानी समाज में बुराइयां दिखायी देने लगती है, तो हमें लोगों को अल्लाह के गुस्से का शिकार होना पड़ता है. बेचैनी और परेशानियों से निजात चाहते हैं तो समाज में फैली बुराइयों को दूर करना होगा. मौके पर मौलाना तौफीक आलम ने कुरान केवल मुसलमान के ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के इंसानों की रहनुमाई के लिए है. कोलकाता के शाहबाज रजा नूरी और नूर ए मुजस्सम दोनों ने एक से बढ़ कर एक नात सुनायी. कहा कि इस्लाम मजहब पूरी दुनिया को अमन का पैगाम देता है. संचालन हाफिज लाल मोहम्मद हसन फ़ैजी ने किया. मौके पर मुफ्ती इकबाल हबीबी, कारी कुतुबुद्दीन, अब्दुल वकील मिस्बाही, मौलाना शाहिद रज़ा,हाफिज महफूज, मौलाना सरफराज रहबर, सामाजिक कार्यकर्ता अबुल हसन उर्फ जुम्मन मियां, सदर मकसूद आलम, मोहम्मद. इसरार,मोहम्मद आरिफ, शौकत, तबरेज, शमशाद अंसारी ,अब्दुल वकील, मोहम्मद मरगूब अहमद, जफर, अब्दुल जब्बार, गुलाम मुस्तफा, तहसीन रज़ा, सिब्तेन रज़ा, असलम (राजा) के साथ इंडियन हुसैनी युवा क्लब के सदस्यों के आलावा काफी संख्या में लोग मौजूद थे.
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