पलामू: पलामू पुलिस ने मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र के बीरधवर गांव निवासी मुटूर मुसहर हत्याकांड की जांच के दौरान करीब 11 माह पुराने नंदन मुसहर हत्याकांड का भी खुलासा किया है. पुलिस ने दोनों हत्याकांड में शामिल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. हुसैनाबाद एसडीपीओ आईपीएस दिव्यांश शुक्ला ने मंगलवार को अनुमंडल पुलिस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की जानकारी दी.
डेहरी ऑन सोन में की गयी थी मुटूर की हत्या
एसडीपीओ ने बताया कि बीरधवर गांव निवासी करीब 60 वर्षीय मुटूर मुसहर जनवरी से लापता था. परिजनों ने 10 अगस्त 2026 को मोहम्मदगंज थाना में उसके अपहरण और हत्या की प्राथमिकी दर्ज करायी थी. पलामू एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की.
जांच के दौरान औरंगाबाद जिले के अलग-अलग गांवों से दिनेश मुसहर, विकास मुसहर, गोविंद मुसहर और श्रवण मुसहर को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मुटूर मुसहर को झारखंडी मंदिर ले जाने के बहाने डेहरी ऑन सोन, बिहार ले जाया गया था. वहां पाली रोड स्थित श्मशान घाट के पास उसकी हत्या कर शव को सोन नदी के किनारे गड्ढे में दफना दिया गया था.
आरोपियों की निशानदेही पर डेहरी ऑन सोन पुलिस के सहयोग से पुलिस ने सोन नदी के समीप गड्ढे से मुटूर मुसहर का कंकाल बरामद किया.
पूछताछ में 11 माह पुराने हत्याकांड का खुलासा
मुटूर हत्याकांड के आरोपियों से पूछताछ के दौरान करीब 11 माह पहले हुई नंदन मुसहर की हत्या का भी खुलासा हुआ. पुलिस के अनुसार, दोनों हत्याकांड के पीछे कथित अवैध संबंध और उससे जुड़ा प्रतिशोध सामने आया है.
जांच में सामने आया कि औरंगाबाद जिले के रामडीहरा निवासी नंदन मुसहर की पत्नी का संबंध मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र के बीरधवर निवासी संतोष रजवार से था. नंदन चेन्नई में मजदूरी करता था. पिछले वर्ष दशहरा के दौरान घर लौटने पर उसे पत्नी के संतोष के साथ चले जाने की जानकारी मिली.
पुलिस के अनुसार, इसके बाद संतोष ने नंदन को एक साजिश के तहत बीरधवर बुलाया. वहां पार्टी करने के बहाने उसे कांडी थाना क्षेत्र के खरसोता गांव ले जाया गया, जहां कथित तौर पर उसकी हत्या कर शव को कोयल नदी में फेंक दिया गया.
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नंदन की हत्या का बदला लेने के लिए मुटूर की हत्या
पुलिस के मुताबिक, संतोष ने पूछताछ में नंदन की हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और इसमें मुटूर मुसहर के बेटे धर्मेंद्र मुसहर के शामिल होने की बात बतायी. इसके आधार पर संतोष और धर्मेंद्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी और दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
पुलिस का कहना है कि नंदन मुसहर की हत्या का बदला लेने के लिए पहले गिरफ्तार चार आरोपियों ने मुटूर मुसहर की हत्या को अंजाम दिया था. इस तरह मुटूर हत्याकांड की जांच के दौरान करीब 11 माह पुराने नंदन मुसहर हत्याकांड की गुत्थी भी सुलझ गयी.
पुलिस की इस कार्रवाई में एसडीपीओ दिव्यांश शुक्ला, मोहम्मदगंज थाना प्रभारी नारायण सोरेन, एसआई मनोज मुंडा, देवरी ओपी प्रभारी राजू गुप्ता, लठेया पिकेट प्रभारी मुकेश सिंह, एएसआई कयामुद्दीन अंसारी समेत पुलिस जवान शामिल थे
