यक्ष्मा की ट्रेसिंग, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट के लिए चलेगा सौ दिन का अभियान

यक्ष्मा विभाग के द्वारा पलामू जिले में राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 100 दिवसीय सघन अभियान चलाया जाना है.

मेदिनीनगर. यक्ष्मा विभाग के द्वारा पलामू जिले में राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 100 दिवसीय सघन अभियान चलाया जाना है. इसकी सफलता को लेकर गुरुवार को टाउन हॉल के प्रशाल में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हुआ. जिला यक्ष्मा पदाधिकारी ने बताया कि सामूहिक प्रयास से ही पलामू यक्ष्मा मुक्त जिला बनेगा. इसके लिए सभी को मिलकर सघन अभियान चलाने की आवश्यकता है. 100 दिनों तक नियमित रूप से सघन अभियान चलाने के लिए विभाग के द्वारा रोड मैप तैयार किया गया है. योजनाबद्ध तरीके से काम कर अभियान को सफल बनाते हुए पलामू को टीबी मुक्त जिला बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास करने की जरूरत है. उन्होंने बताया कि 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन सघन अभियान के दौरान ट्रेसिंग, टेस्टिंग व ट्रीटमेंट के साथ-साथ अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाकर काम किया जायेगा. जिले के सभी प्रखंडों में उच्च जोखिम वाले समुदाय में टीबी के लक्षण को जानने के लिए स्क्रिनिंग व जांच की जायेगी. उन्होंने 100 दिवसीय सघन टीबी उन्मूलन अभियान के उद्देश्यों एवं उसकी गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी. बताया कि इस अभियान से पलामू में यक्ष्मा रोगी को खोजने में सहूलियत होगी. 100 दिनों के कार्यक्रम के दौरान अधिक से अधिक लोगों का स्क्रिनिंग व जांच की जायेगी. टीबी उन्मूलन के लिए सभी स्तर पर तेजी से काम होगा. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य निदान और उपचार सहित अन्य सेवाओं को सशक्त बनाना है. समाज के नीचले तबके के लोगों पर विशेष ध्यान दिया जायेगा. सुदूरवर्ती इलाकों में रहने वाले गरीबों व अनपढ़ व्यक्तियों का मधुमेह, एचआइवी व कुपोषण से पीड़ित लोगों पर भी विशेष फोकस रहेगा. उन्होंने टीबी उन्मूलन अभियान में शामिल सभी स्तर के कर्मियों को समन्वय बना कर काम करने पर जोर दिया. प्रशिक्षण के बाद टीवी उन्मूलन अभियान की सफलता को लेकर शपथ दिलायी गयी. मौके पर जिला यक्ष्मा विभाग के डीपीसी नितिन कुमार श्रीवास्तव, विजय सिंह, सुरेंद्र नाथ ठाकुर, सरोज कुमार, सीएचसी के एसटीएलएस, एसटीएस, नोडल सीएचओ, बीटीटी सहित कई लोग मौजूद थे.

बॉक्स :::: डोर टू डोर जायेंगी स्वास्थ्य सहिया

इस अभियान के दौरान स्वास्थ्य सहिया प्रतिदिन डोर टू डोर भ्रमण करेगी और प्रत्येक व्यक्ति में टीबी के लक्षण को चिह्नित करेंगी. प्रत्येक सहिया 12 उच्च जोखिम वाले मरीजों को निकटतम आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सी-बैंक फार्म भर कर जागरूक करेंगी. सीएचओ के द्वारा प्रतिदिन 100 उच्च जोखिम वाले पहले चिह्नित व्यक्तियों में टीबी स्क्रिनिंग कर निक्षय पोर्टल में अपलोड किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >