छह साल बाद भी 29 गांवों में हर घर नल जल योजना फेल

झरीवा टोला के लोग कच्चे कुएं का पानी पीने को मजबूर

झरीवा टोला के लोग कच्चे कुएं का पानी पीने को मजबूर

रमेश रंजन, सतबरवा प्रखंड क्षेत्र के पांच पंचायत के 29 गांवों में करीब 50 करोड़ की लागत से भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना हर घर नल जल का पानी छह वर्षों के बाद भी नहीं पहुंच सका है. प्रखंड के रबदा व पोंची पंचायत के 18 गांवों में जलापूर्ति के लिए योजना पर काम हुआ. मेला स्थल के समीप औरंगा नदी में निर्मित कूप से पानी का उठाव कर जलापूर्ति करना था, लेकिन इस योजना से लोगों को जलापूर्ति का लाभ नहीं मिल पा रहा है. रबदा पंचायत में आठ गांव आते हैं. 2011 की जनगणना के अनुसार इस पंचायत की आबादी 7770 है. पलामू जिले के सतबरवा प्रखंड के दो पंचायतों में आंशिक रूप से पेसा कानून लागू है, जिसमें रबदा पंचायत भी शामिल है. वर्तमान समय में पेयजल की समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है. रबदा गांव के झरीवा टोला के 50 घरों के लोग मिट्टी के कुएं (भट्ट कुआं) से अपनी प्यास बुझाने को विवश हैं. झरीवा टोला में आदिवासी चेरो जनजाति के लोग रहते हैं. स्थिति यह है कि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है. जिस भट्ट कुएं से लोग पानी निकालते हैं, वह सड़क से 10 फीट नीचे खेत में बना है. बताया जाता है कि करीब 50 वर्ष पहले इस कुएं की खुदाई की गयी थी. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सोलरयुक्त जलमीनार लगी है, लेकिन कई महीनों से खराब है. पेयजल व स्वच्छता विभाग को कई बार सूचना दी गयी, लेकिन इसकी मरम्मत के प्रति विभाग गंभीर नहीं है. ग्रामीणों का कहना है कि अब वे इसकी मरम्मत के लिए चंदा इकट्ठा कर रहे हैं.

क्या कहते हैं ग्रामीण

पूर्व पंसस अरविंद सिंह, देव पूजन सिंह, करीमन भुइयां, संजू देवी, कौशल्या देवी, पूजा देवी, बासमती देवी, फूल कुमारी देवी, रिंकू देवी, फूलमती देवी और कविता देवी ने बताया कि कई गांवों में हर घर नल जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछायी गयी है और घरों में नल भी लगाया गया है. लेकिन झरीवा टोला इससे वंचित है. जल सहिया ने योजना का लाभ देने के लिए हर घर से 50 रुपये की वसूली की, लेकिन छह वर्ष बाद भी इसका लाभ नहीं मिला. टोले के चार स्थानों पर बोरिंग करायी गयी, जो मरम्मत के अभाव में बेकार पड़ी है. ग्रामीणों के अनुसार गर्मी में जल संकट झेलना पड़ता है, जबकि बरसात में भट्ट कुएं से पानी लाने में काफी परेशानी होती है.

नहीं मिला योजना का लाभ : साखो देवी

रबदा पंचायत की पंसस साखो देवी का कहना है कि नल जल योजना की शुरुआत से ग्रामीणों को काफी उम्मीद थी. करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद झरीवा टोला जैसे ग्रामीण क्षेत्रों के लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं. इस पर जिला प्रशासन व विभाग को संज्ञान लेने की जरूरत है.

छह वर्षों बाद भी नल जल से नहीं मिला पानी : धीरज

चतरा संसदीय क्षेत्र के सांसद कालीचरण सिंह के प्रतिनिधि धीरज कुमार ने बताया कि हर घर नल जल योजना भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है. ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने इसकी स्वीकृति दी थी, लेकिन राज्य सरकार, जिला प्रशासन और विभाग की विफलता के कारण लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पाया.

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Published by: Akarsh aniket

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