जिन बैंकों का प्रदर्शन खराब है उनमें सरकारी धन राशि नहीं रखी जायेगी : वित्त मंत्री

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक हुई

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक हुई प्रतिनिधि : मेदिनीनगर गुरुवार को पलामू जिला समाहरणालय सभागार में राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक हुई. बैठक में पलामू डीसी समीरा एस, अग्रणी जिला प्रबंधक, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे. बैठक का मुख्य उद्देश्य साख जमा अनुपात, कृषि ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड, एसीपी, मुद्रा, पीएमजीपी, एनआरएलएम सहित अन्य सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना था.वित्त मंत्री ने पलामू की आर्थिक-सामाजिक स्थिति को अत्यंत पिछड़ा बताते हुए कहा कि किसानों, बेरोजगारों, महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में बैंकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन बैंकों का प्रदर्शन खराब है, उनमें सरकारी धनराशि जमा नहीं की जायेगी. मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पलामू के बैंकों में 12,345 करोड़ 25 लाख रुपये जमा हैं, लेकिन इसके विरुद्ध केवल 4,213 करोड़ 66 लाख रुपये यानी 40.73% ही ऋण अग्रिम दिया गया है. गिरावट के कारणों की समीक्षा कर योजना बनायें कृषि क्षेत्र में ऋण वितरण को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में गिरावट के कारणों की समीक्षा कर ठोस कार्ययोजना बनायी जाये. किसान क्रेडिट कार्ड योजना की प्रगति भी संतोषजनक नहीं रही है, लक्ष्य के विरुद्ध मात्र 225 उपलब्धि दर्ज की गयी है. उन्होंने निर्देश दिया कि अधिक से अधिक किसानों को केसीसी से आच्छादित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाये. बैठक में सरकारी योजनाओं के बढ़ते एनपीए पर भी चिंता व्यक्त की गयी. मंत्री ने कहा कि बैंकर्स को ऋण देने के साथ-साथ पुनर्भुगतान पर भी समान ध्यान देना चाहिए. उन्होंने सभी बैंकों से ग्रामीण क्षेत्रों, कमजोर वर्गों, महिला समूहों और युवाओं को ऋण उपलब्ध कराने की अपील की, ताकि पलामू की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सके. कृषि क्षेत्र की समीक्षा में पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के नौ माह बीत जाने के बावजूद कुल उपलब्धि केवल 30.14% रही है. दिसंबर तिमाही में प्रगति मात्र 6.9% दर्ज की गई. कृषि ऋण लाभुकों की संख्या भी 39 हजार से घटकर 35,260 हो गयी है, जो अत्यंत चिंताजनक है. प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत पूरे जिले में केवल पांच लाभुकों को ऋण प्रदान किया गया, जिसे मंत्री ने असंतोषजनक बताया.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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