खरीद लक्ष्य से अधिक हुई, लेकिन उठाव की गति धीमी रही.

31 मार्च तक खरीदारी दो लाख 85 हजार क्विंटल, उठाव मात्र एक लाख 18 हजार 85 क्विंटल

31 मार्च तक खरीदारी दो लाख 85 हजार क्विंटल, उठाव मात्र एक लाख 18 हजार 85 क्विंटल

प्रतिनिधि : मेदिनीनगर पलामू जिले में धान खरीददारी की प्रक्रिया इस वर्ष अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सशक्त रही. मोबाइल ऐप, सीसीटीवी निगरानी और त्वरित भुगतान जैसी व्यवस्थाएं किसानों के लिए लाभकारी साबित हुईं. फिर भी, उत्पादन और खरीद लक्ष्य में तालमेल की कमी के कारण कई किसान योजना से बाहर रह गये. वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान धान खरीदारी का लक्ष्य ढाई लाख क्विंटल रखा गया था. इस बार वर्षा अच्छी होने के कारण उत्पादन अपेक्षा से अधिक हुआ और किसानों ने बड़ी संख्या में धान बिक्री की. 15 दिसंबर से पैक्स पर खरीद शुरू हुई और 45 दिनों में 4107 किसानों से कुल 2,85,458 क्विंटल धान खरीदा गया, जो निर्धारित लक्ष्य से भी अधिक है.

खरीद और भुगतान व्यवस्था

अब तक मात्र 1,18,085 क्विंटल धान का ही उठाव हो पाया है. 2769 किसानों को भुगतान किया जा चुका है, जिसके तहत 44.82 करोड़ की राशि वितरित की गयी. इस बार 78 पैक्स से खरीद की गयी. जबकि पिछले वर्ष 63 पैक्स से खरीद हुई थी. सरकार ने किसानों को 2450 प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया. किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गयी.

15,171 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था

इस बार 15,171 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 9814 को एसएमएस भेजा गया. इनमें से 4107 किसानों ने विभिन्न पैक्स के माध्यम से धान बेचा. पिछले वर्ष 14,484 किसानों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था. इस बार अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाये गये और किसानों के लिए मोबाइल एप्लीकेशन विकसित किया गया, जिससे वे स्वयं स्लॉट बुक कर सकते हैं. प्रति किसान अधिकतम 200 क्विंटल तक धान बिक्री की सीमा तय की गयी.

अतिरिक्त वृद्धि का अनुरोध किया था

जिले की उपायुक्त (डीसी) समीरा एस ने 10 फरवरी को खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले के सचिव को पत्र लिखकर लक्ष्य में दो लाख क्विंटल की अतिरिक्त वृद्धि का अनुरोध किया था. पत्र में उल्लेख किया गया कि इस वर्ष जिले में धान उत्पादन निर्धारित लक्ष्य का 107 प्रतिशत हुआ है. 14,594 किसानों में से 1963 किसानों ने 10 फरवरी तक धान बिक्री की थी. इससे स्पष्ट था कि बड़ी संख्या में किसान योजना का लाभ लेने से वंचित रह रहे थे. स्थानीय जनप्रतिनिधियों और केंद्र संचालकों ने भी लक्ष्य बढ़ाने की मांग की थी.

हालांकि प्रशासन ने अतिरिक्त लक्ष्य की मांग की, लेकिन आदेश नहीं मिला और 31 मार्च के बाद खरीद बंद कर दी गयी. इससे कई किसान लाभ से वंचित रह गये. इस बार खरीद लक्ष्य से अधिक हुई, लेकिन उठाव की गति धीमी रही.

पलामू जिले में धान खरीददारी की प्रक्रिया इस वर्ष अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सशक्त रही. मोबाइल ऐप, सीसीटीवी निगरानी और त्वरित भुगतान जैसी व्यवस्थाएं किसानों के लिए लाभकारी साबित हुईं. फिर भी, उत्पादन और खरीद लक्ष्य में तालमेल की कमी के कारण कई किसान योजना से बाहर रह गये. भविष्य में लक्ष्य निर्धारण और आदेश प्रक्रिया को अधिक लचीला और त्वरित बनाने की आवश्यकता है, ताकि सभी पंजीकृत किसान सरकारी योजना का लाभ उठा सकें.

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Published by: Akarsh aniket

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