हुसैनाबाद (पलामू). हुसैनाबाद का घाघरा कुंड बांध झरना पर्यटकों को आकर्षित करता है. प्रकृति के गोद में स्थित इस स्थल का नयनाभिराम दृश्य अवलोकनीय है. लोग इस झरना स्थल पर पहुंच कर कुदरत की देन प्रकृति का आनंद उठाते हैं.
यह स्थान हुसैनाबाद अनुमंडल मुख्यालय से तकरीबन 11 किमी दूर दक्षिण दिशा में चारो ओर से पहाड़ों से घिरे घाघरा गांव के निकट स्थित है. घाघरा गांव से तकरीबन 2 किमी दक्षिण भाग में स्थित है. यह स्थल कुकही नदी का उदगम स्थल भी है.
पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की जरूरत
इस स्थल पर जाने के लिये इंटबाँध पहाड़ी पार कर घाघरा गांव से पहुंचा जा जाता है. पहुंचने का सुगम मार्ग नही है. वैसे तो सभी समय लोगों का आना-जाना होता है. लेकिन ज्यादातर लोग बरसात के दिनों में लोग झरना में स्नान करने का आनंद उठाते हैं.
तकरीबन 30 फीट ऊंचाई से गिरते पानी का मनोरम दृश्य देखने योग्य होता है. यहाँ पिकनिक मनाने वालों की भीड़ लगी रहती है. पहाड़ों व वनों के बीच स्थित यह स्थल का प्राकृतिक छटा मन को तृप्त करता है.
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पनबिजली व सिंचाई योजना के लिये बिहार विधानसभा में उठाई थी आवाज
तत्कालीन विधायक दशरथ कुमार सिंह ने इस स्थल से पनबिजली व सिंचाई योजना को लेकर बिहार विधानसभा में आवाज उठायी थी. यह मांग की थी कि ऊपर से गिरते पानी का भंडारण कर बिजली उत्पादन की जा सकती है. वही बांध बनाकर सिंचाई सुविधा की व्यवस्था की जा सकती है.
अगर ऐसा होता तो समीपवर्ती मानसून पर निर्भर घाघरा, इंटबाँध, डंडिला, अमही, विसवसिया, जमुआ, बैरांव पंचायत समेत दर्जनों गांवों के हजारों हेक्टर जमीन को पटवन की सुविधा उपलब्ध होती.
तत्कालीन पलामू उपायुक्त अमिता पॉल ने अपनी प्रशासनिक टीम के साथ इस स्थल की भौगोलिक स्थिति का अवलोकन भी किया था. पटवन के सुविधा के लिए कुछ काम भी हुआ था. लेकिन अबतक अधूरा है.
रोजगार का अवसर बढ़ेगा
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी स्तर से इस स्थल को पर्यटन के रूप में विकसित किया जाता है तो रोजगार का मिलेगा. साथ ही पर्यटकों के लिये यह झरना स्थल मनोरंजन का केंद्र भी होगा.
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