मोहम्मदगंज,पलामू: पलामू के पठारी क्षेत्र और बराज के ऊपरी हिस्से में हुई मूसलाधार बारिश का पानी शुक्रवार की अहले सुबह भीम बराज पहुंचा. गढ़वा और पलामू की दर्जनों नदियों में उफान के कारण बराज में बाढ़ की स्थिति बन गयी है. पानी का दबाव बढ़ने पर बराज के गेटों की सुरक्षा के लिए पानी सीधे कोयल नदी में छोड़ा जा रहा है.
इधर, रविवारिय बाजार के पास गवर्नर रोड पर बने बराज के कटे तटबंध से पानी धान के खेतों में पहुंच रहा है. गवर्नर रोड के दोनों ओर लगी धान की फसल डूबने लगी है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गयी है. शुक्रवार शाम तक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से किसान परेशान रहे.
अवैध बालू ढुलाई के लिए काटा गया तटबंध बना मुसीबत
किसानों का आरोप है कि गवर्नर रोड के पास करीब 100 फीट में तटबंध काटकर रास्ता बनाया गया है. इसका इस्तेमाल अवैध बालू ढुलाई के लिए किया जाता रहा है. यह रास्ता सीधे कोयल नदी तक जाता है.
ग्रामीणों के अनुसार, करीब चार वर्ष पहले बालू ढुलाई के लिए तटबंध को काटकर यह रास्ता बनाया गया था. उनका कहना है कि प्रशासन की जानकारी में होने के बावजूद अब तक इसे बंद नहीं कराया गया. बारिश के मौसम में यही कटा हुआ तटबंध किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गया है.
किसानों ने बताया कि नदी में पानी का दबाव बढ़ने के साथ कटे हुए हिस्से से पानी खेतों में पहुंच रहा है. इससे धान की फसल डूबने लगी है. जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो बड़ी मात्रा में फसल बर्बाद होने की आशंका है.
श्मशान घाट भी बाढ़ की चपेट में
गवर्नर रोड के किनारे स्थित श्मशान घाट भी बाढ़ के पानी से घिर गया है. ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दिनों में यहां शवदाह करने में भी परेशानी होगी. किसानों ने प्रशासन से कटे हुए तटबंध को तत्काल बंद कराने और खेतों में पानी जाने से रोकने की व्यवस्था करने की मांग की है.
