पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट
Palamu News: विश्व पर्यावरण दिवस पर झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने शुक्रवार को अमेरिका पर जमकर निशाना साधा है. मेदिनीनगर के डॉ आंबेडकर पार्क में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने अमेरिका के दोहरे चरित्र को उजागर करते हुए कहा कि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा प्रदूषक देश है. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के निर्देश पर पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है, लेकिन अमेरिका जैसे सबसे अधिक प्रदूषक देश वैश्विक मंचों पर दोहरा चरित्र उजागर कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका एक तरफ जहां ईरान पर मिसाइल पर मिसाइल दाग रहा है और दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहा है. यह संदेश पूरी तरह से बेमानी है.
अमेरिका के दोहरे चरित्र पर उठाए सवाल
अपने संबोधन में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वैश्विक पर्यावरणीय नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस संयुक्त राष्ट्र के निर्देश पर मनाया जाता है, लेकिन दुनिया के सबसे बड़े प्रदूषक देशों में शामिल अमेरिका का रवैया विरोधाभासी है. उन्होंने कहा कि एक ओर अमेरिका युद्ध और सैन्य गतिविधियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर पर्यावरणीय क्षति पहुंचा रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है. मंत्री ने कहा कि पर्यावरण बचाने की बात तभी सार्थक होगी जब सभी देश ईमानदारी के साथ प्रदूषण नियंत्रण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में काम करें.
राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस घोषित करने की उठाई मांग
वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि भारत को अपनी प्राथमिकताओं और जरूरतों के अनुसार राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस घोषित करना चाहिए. उन्होंने कहा कि देश में पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने के लिए एक राष्ट्रीय दिवस की आवश्यकता है, जिससे लोगों में व्यापक स्तर पर जागरूकता पैदा हो सके. उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है.
केवल पौधारोपण नहीं, जंगल और पहाड़ बचाने पर दें ध्यान
राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण का मतलब केवल एक दिन पौधारोपण कर फोटो खिंचवाना नहीं है. उन्होंने कहा कि आज सबसे बड़ी जरूरत मौजूदा जंगलों, पहाड़ों और जल स्रोतों को बचाने की है. उन्होंने कहा कि अनियंत्रित खनन गतिविधियों के कारण प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन हो रहा है. इसका असर मौसम चक्र पर भी साफ दिखाई दे रहा है. तापमान में वृद्धि, अनियमित वर्षा और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाएं इसी का परिणाम हैं.
अधिकारियों को दी सख्त नसीहत
वित्त मंत्री ने अधिकारियों को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति गंभीर होने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि केवल एक दिन के औपचारिक कार्यक्रमों से पर्यावरण नहीं बचेगा. विभागों को पूरे वर्ष योजनाबद्ध तरीके से काम करना होगा. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अभी से ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर पर्यावरणीय संकट का सामना करना पड़ सकता है.
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित हुआ विशेष कार्यक्रम
“प्रकृति से प्रेरित: जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए” थीम पर आधारित कार्यक्रम का आयोजन डॉ. आंबेडकर पार्क में किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, सांसद वीडी राम, उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, मेदिनीनगर की महापौर अरुणा शंकर, विश्वविद्यालय के कुलपति सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, सामाजिक कार्यकर्ता, सरकारी अधिकारी और आम नागरिक मौजूद रहे. पर्यावरण संरक्षण को लेकर विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का भी आयोजन किया गया.
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की सांसद ने की सराहना
कार्यक्रम में सांसद वीडी राम ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की सराहना की. उन्होंने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ भावनात्मक जुड़ाव का भी माध्यम है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी माताओं के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल भी करें. इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ सामाजिक जागरूकता भी बढ़ेगी.
संविधान में भी पर्यावरण संरक्षण का उल्लेख
कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण के संवैधानिक महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21, अनुच्छेद 48ए और अनुच्छेद 51ए का उल्लेख करते हुए बताया कि स्वच्छ पर्यावरण प्रत्येक नागरिक का अधिकार और कर्तव्य दोनों है. विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नारे, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जागरूकता प्रस्तुतियां भी दीं. कार्यक्रम का समापन उत्तर कोयल नदी तट पर स्वच्छता अभियान के साथ किया गया.
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नवाटोली पार्क की बदहाली पर भी जताई चिंता
कार्यक्रम के बाद वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मेदिनीनगर के नवाटोली पार्क की बदहाल स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि कभी शहर की पहचान रहा यह पार्क आज उपेक्षा का शिकार है और प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है. उन्होंने सुझाव दिया कि जिले के पांच विधायक और एक सांसद अपनी-अपनी निधि से पांच-पांच लाख रुपये का योगदान दें तो पार्क का व्यापक सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास किया जा सकता है. मंत्री ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही इस पार्क को फिर से आकर्षक और स्वच्छ बनाया जा सकता है.
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