पलामू. पलामू डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के नाम से साइबर अपराधियों द्वारा एक बार फिर फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बनाने का गंभीर मामला सामने आया है. पलामू डीसी के नाम पर एक सप्ताह में यह दूसरी बार फर्जी व्हाट्सएप बनाया गया है, जिसके जरिए अपराधियों द्वारा लोगों को भ्रामक संदेश भेजे जा रहे हैं. एक ही हफ्ते में दूसरी बार हुई इस घटना से पलामू जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है और आम जनता के लिए विशेष सतर्कता संदेश जारी किया है.
अधिकारियों के नाम पर साइबर ठगी
असामान्य रूप से बढ़ रहे इस साइबर दुस्साहस के तहत असामाजिक तत्वों द्वारा सरकारी अधिकारियों की पहचान चोरी करने का तरीका अपनाया जा रहा है. उपायुक्त के नाम और पद का दुरुपयोग करके सीधे आम नागरिकों और कर्मचारियों को जाल में फंसाने की कोशिश की जा रही है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे फर्जी खातों से सरकारी आदेशों या वित्तीय मदद के नाम पर लोगों को ठगा जा सकता है. इसलिए जनता को किसी भी अनजान नंबर से आए संदेशों को लेकर बेहद सावधान रहने की जरूरत है.
जिला प्रशासन की जरूरी गाइडलाइन
पलामू जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी संदिग्ध संदेश पर कतई विश्वास न करें. लोग किसी भी अनजान नंबर से आये मैसेज के झांसे में न आयें और अपनी व्यक्तिगत या आर्थिक जानकारी किसी के साथ साझा न करें. यदि कोई संदेश प्रशासनिक अनुरोध जैसा प्रतीत होता है, तो सबसे पहले संबंधित कार्यालय से उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य कर लें.
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साइबर सेल की कार्रवाई
जिला प्रशासन ने सतर्क रहें, सुरक्षित रहें की अपील के साथ लोगों को डिजिटल धोखाधड़ी के प्रति जागरूक रहने को कहा है. बार-बार हो रही इस घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय साइबर सेल को तुरंत सघन जांच सौंप दी गई है. तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल नंबरों के आधार पर फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बनाने वाले अपराधियों की पहचान की जा रही है ताकि उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके.
