मेदिनीनगर: पलामू प्रमंडल के डीआइजी किशोर कौशल ने पलामू ,गढ़वा और लातेहार के पुलिस अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा की. डीआईजी किशोर ने समीक्षा के दौरान पाया कि पलामू जिले के चैनपुर, मेदिनीनगर ओर सदर में ऐसे 10 से ज्यादा केस लंबित है, जो संगठित अपराध के मामले से जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा की इसमें ज्यादातर मामले सुजीत सिन्हा और राहुल गिरोह से वर्ष 2024-25 के शुरुआत से जुड़े हुए हैं. जिसमें कई मामलों में आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पायी है.
DIG ने दिया चेतावनी
सदर डीएसपी के द्वारा सही समय पर पर्यवेक्षण रिपोर्ट नहीं दिया गया है. उन्हें भी चेतावनी दी गयी है कि सही समय पर पर्यवेक्षण रिपोर्ट निर्गत करें. ताकि अपराधियों पर ससमय कार्रवाई किया जा सके. पलामू के मेदिनीनगर टाउन, मेदिनीनगर सदर और चैनपुर थाना में दर्ज आर्म्स एक्ट के मामलों की समीक्षा में पाया गया कि मेदिनीनगर टाउन थाना क्षेत्र के पांच, सदर थाना क्षेत्र में तीन और चैनपुर थाना क्षेत्र में तीन मामलों की फायरिंग की घटनाओं की समीक्षा की गयी थी. इसमें अधिकतर मामले सुजीत सिन्हा गिरोह से जुड़ा हुआ था.
अपराधियों को चिन्हित कर कार्रवाई करने का निर्देश
इस मामले में चार पुलिस अवर निरीक्षक से स्पष्टीकरण पूछा गया है. कहा कि समीक्षा के दौरान एक दो मामले ऐसे पाये गये हैं, जिसमें सीएसपी के माध्यम से अपराधियों को पैसा दिया गया है. वैसे सीएसपी चलाने वाले लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. इसमें जो भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल है. उनको चिन्हित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. दर्ज मामलों के अनुसंधान में लापरवाही बरती गयी है. कई मुकदमों में मुख्य अपराधी पकड़े गये हैं. लेकिन घटना में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. उन्होंने कहा कि पांच साल से ऊपर जो जेल से अपराधी निकल चुके हैं, उनका डाजियर बनाकर दिया जाये.
पूछा गया स्पष्टीकरण
मुकदमों के अनुसंधान में लापरवाही बरतने के मामले में सदर थाना में तैनात रहे पुलिस अवर निरीक्षक कौलेश्वर प्रसाद, हैदरनगर थाना प्रभारी तंजीलूल मन्नान, किशनपुर ओपी प्रभारी चंद्रशेखर यादव व सब इंस्पेक्टर सुबोध कुमार से डीआइजी ने स्पष्टीकरण पूछा है.
