लंबे समय से नहीं खुला है स्कूल, विद्यार्थियों का नामांकन भी फर्जी

पलामू के जिला शिक्षा पदाधिकारी सौरभ प्रकाश ने पांकी प्रखंड के तेतराई में संचालित संकटेश्वर संस्कृत उच्च विद्यालय का भौतिक सत्यापन किया.

मेदिनीनगर. पलामू के जिला शिक्षा पदाधिकारी सौरभ प्रकाश ने पांकी प्रखंड के तेतराई में संचालित संकटेश्वर संस्कृत उच्च विद्यालय का भौतिक सत्यापन किया. मालूम हो कि प्रभात खबर ने एक मई के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था. इसके बाद विभागीय सचिव ने संज्ञान लिया और मामले की जांच करने का निर्देश पलामू डीइओ को दिया था. डीइओ ने जांच के क्रम में पाया कि विद्यालय में विद्यार्थियों का नामांकन फर्जी है. लंबे समय से न तो विद्यालय का भवन खुल रहा है और न ही पढ़ाई हो रही है. मानक के अनुसार कमरों का अभाव है. विद्यालय में नामांकित विद्यार्थी रांची, जामताड़ा, गुमला, लोहरदगा व अन्य जिलों के हैं. छह कमरे में दो क्षतिग्रस्त है. दो कमरों को पार्टीशन कर चार कमरा बनाया गया है. उन्होंने बताया कि संकेश्वर संस्कृत विद्यालय की जांच की गयी. कई अनियमितता पायी गयी. डीइओ ने बताया कि जांच के दौरान कुछ बच्चे स्कूल में पढ़ रहे थे, जो कोचिंग के बच्चे थे. विद्यालय का संचालन सही तरीके से नहीं होता है. संस्कृत उच्च विद्यालय के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है. जांच की पूरी रिपोर्ट विभागीय सचिव को भेज दी गयी है. उन्होंने कहा कि विद्यालय की भूमि अतिक्रमण करने या बिक्री करने संबंधी मामलों की जांच के लिए पांकी सीइओ को पत्र भेजा गया है. उन्होंने कहा कि प्रभात खबर में प्रकाशित खबर बिल्कुल सही पाया गया है. डीइओ श्री कुमार ने कहा कि पलामू में संचालित संस्कृत उच्च विद्यालय की जांच करायी जा रही है. कमोबेश सभी विद्यालय की स्थिति यही है. संकटेश्वर संस्कृत उच्च विद्यालय पिछले पांच वर्षों से फरजी तरीके से संचालित हो रहा था. बिना कार्य के अनुदान की राशि 18 लाख रुपये विद्यालय के खाता में प्राप्त हुआ था. जिसकी निकासी किये जाने का आरोप है. इसकी विभागीय जांच करायी जा रही है.

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