सतबरवा में हाथी का आतंक, दर्जनों गांवों की फसलें तबाह

सात वर्ष पूर्व हाथियों के झुंड ने ग्रामीणों के घरों को पहुंचाया था नुकसान

सात वर्ष पूर्व हाथियों के झुंड ने ग्रामीणों के घरों को पहुंचाया था नुकसान

प्रतिनिधि, सतबरवा

बेतला नेशनल पार्क और पलामू किला से सटे सतबरवा प्रखंड में जंगली हाथी ने पिछले एक सप्ताह से दर्जनों गांवों में उत्पात मचाया है. सलैया, तुबांगड़ा, रबदा, फुलवरिया, ठेमी, ठेमा और रांकी कला के ग्रामीण हाथी के डर से भयभीत हैं. किसानों की आलू, गेहूं, चना, सरसों, मसूर जैसी फसलें रौंद दी गयी हैं. ग्रामीणों ने बताया कि हाथी झुंड से बिछड़कर गांव की ओर आया है. वन विभाग की टीम लगातार इसे जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रही है, लेकिन हाथी लौटकर फिर से गांव में प्रवेश कर जाता है. पलामू किला और नेशनल पार्क के पास होने के कारण यह समस्या बार-बार सामने आती रहती है. सात साल पहले हलुमांड गांव में हाथियों के झुंड ने आधा दर्जन घरों को ध्वस्त कर फसल नष्ट कर दी थी.

नुकसान का आकलन कर मुआवजा दे

चतरा संसदीय क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि अनिल कुमार सिंह ने कहा कि वन विभाग के लापरवाही के कारण ग्रामीण भयभीत है. किसानों को फसलों का नुकसान भारी पैमाने पर उठाना पड़ रहा है. अविलंब विभाग हाथी को जंगल में खदेड़े व ग्रामीणों की जान माल की सुरक्षा प्रदान करते हुए खेतों का आकलन कर मुआवजा देने का कार्य करें.

हाथी को देखकर घरों में दुबक गये

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रबदा गांव के ग्रामीण फूल कुमारी ने बताया कि मंगलवार की सुबह जंगली हाथी हम लोगों के घर के पास आ गया था. आने की आहट सुनते ही हम लोग अपने घरों में दुबक गये. काफी देर तक ठेमी गांव के नहर पुल के पास हाथी खड़ा रहा, जिसके कारण जंगल की ओर से आने-जाने वाले लोगों में भय का माहौल बना रहा.

दहशत में है ग्रामीण : सुनील सिंह

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फुलवरिया गांव के सुनील सिंह ने कहा कि हाथी पिछले एक सप्ताह से औरंगा नदी के निकटवर्ती गांव में घूम रहा है. जिससे ग्रामीण दहशत में है. हाथी द्वारा फसलों को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है. विभाग अविलंब कार्रवाई करे और हाथी को जंगल की ओर खदड़े. खासकर रात्रि में लोगों में अधिक भय बना रहता है.

जंगल हाथी को खदेड़ा गया है :फॉरेस्टर

लातेहार वन प्रमंडल के मनिका के फॉरेस्टर अजय पांडे ने बताया कि जंगली हाथी होने की सूचना मिलने के बाद टीम गठित की गयी थी. मंगलवार को रबदा पंचायत के सलैया गांव औरंगा नदी के पार पलामू किला के जंगल में खदेड़ दिया गया है. उन्होंने कहा कि अगर फिर से हाथी आता है, तो ग्रामीणों की जान माल की सुरक्षा के लिए वन विभाग की टीम तैयार है.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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