पुनर्वासित लोगों को संपत्ति का दस्तावेजी अधिकार दिया जायेगा

मुख्य सचिव अलका तिवारी शुक्रवार को पलामू जिले के पोलपोल गांव पहुंच कर पलामू व्याघ्र परियोजना से पुनर्वासित किये गये ग्रामीणों से मिलीं.

मेदिनीनगर. राज्य की मुख्य सचिव अलका तिवारी शुक्रवार को पलामू जिले के पोलपोल गांव पहुंच कर पलामू व्याघ्र परियोजना से पुनर्वासित किये गये ग्रामीणों से मिलीं. लोगों से बातचीत की और उन्हें मिली आवास एवं सुविधाओं की जानकारी लीं. इस दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित करना सरकार की प्राथमिकता है. पुनर्वासित लोगों को संपत्ति में दस्तावेजी अधिकार दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि इसे मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने में राज्य से हर संभव सहयोग प्रदान किया जायेगा. उन्होंने पदाधिकारियों को आवंटित भूमि, मकान का मालिकाना हक प्रदान करने का निर्देश दिया. उन्होंने प्रावधान के अनुरूप आवंटित संपत्ति/भूमि का रजिस्टर-2 में नाम दर्ज कराने संबंधी प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजने का भी निर्देश दिया. सभी परिवारों का आधार कार्ड बनवाने एवं बने आधार कार्ड में पट्टा बदलवाने का निर्देश दिया. सभी पुनर्वासित परिवारों को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, सिंचाई विभाग आदि विभिन्न विभागों की योजनाओं से आच्छादित करने, बच्चों को स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्र से जोड़ कर शिक्षा ग्रहण कराने की बात कही. पलामू डीसी शशि रंजन ने पुनर्वासित लोगों को सुविधा मुहैया कराये जाने से संबंधित योजनाओं से मुख्य सचिव को अवगत कराया. उन्होंने बताया कि बिजली, पानी एवं अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधायुक्त आवास लाभुकों को उपलब्ध कराये गये हैं. साथ ही कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की योजनाओं से लाभुकों को लाभ देने का प्रयास जारी है. नहर के माध्यम से यहां सिंचाई की व्यवस्था उपलब्ध कराये जाने की योजना है. उन्होंने कहा कि सभी कार्डधारियों को राशन मुहैया कराया जा रहा है. उन्होंने बताया कि पुनर्वासित लोगों के आवंटित आवासों पर सोहराई पेंटिंग या पुनर्वासित लोगों की पसंद के अनुरूप पेंटिंग बनवाने, पाथ-वे, कम्यूनिटी सेंटर आदि बनाकर मॉडल गांव के रूप में विकसित किये जाने की पहल की जायेगी. उन्होंने इसके लिए राज्य सरकार से सहयोग की मांग की है. पुनर्वासित लोगों ने मुख्य सचिव को बताया कि यह स्थान उनके लिए काफी उपयुक्त है. सरकार व स्थानीय प्रशासन की ओर से सुविधायुक्त आवास मिला है. जहां आवासन से उन्हें आनंद की अनुभूति हो रही है. मौके पर वन व कृषि विभाग के सचिव अबु बक्कर सिद्धिकी, जल संसाधन के सचिव प्रशांत कुमार, पलामू एसपी रीष्मा रमेशन, गढ़वा डीसी शेखर जमुआर, पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार पांडेय, लातेहार उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता, पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव, पलामू ब्याघ्र परियोजना के निदेशक एसआर नटेश, उप निदेशक कुमार आशीष, पलामू के डीडीसी शब्बीर अहमद, पलामू के वन प्रमंडल पदाधिकारी सत्यम कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय, अनुमंडल, प्रखंड-अंचल स्तरीय व वन विभाग एवं पलामू व्याघ्र परियोजना के पदाधिकारी मौजूद थे .

पोलपोल में बसाये जा रहे हैं कुजरूम और जयगीर के 79 परिवार

व्याघ्र परियोजना के कोर क्षेत्र में निवास करनेवाले लोगों को जीवन परिवर्तित करने, वन्य जीवों से सुरक्षा प्रदान करने एवं सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है. इनलोगों को बिजली, पानी की सुविधा एवं पक्का मकान का सपना साकार करने को लेकर पलामू व्याघ्र परियोजना के कोर क्षेत्रों से वन विभाग के पुनर्वास योजना के तहत सुरक्षित स्थान पोलपोल में बसाया जा रहा है. इसके तहत वन विभाग के कोर क्षेत्र गारू प्रखंड के कुजरूम से 57 एवं जयगीर से 22 परिवारों को बसाया जा रहा है. इसमें जयगीर से 22 एवं कुजरूम से 35 परिवार बसाये जा चुके हैं.

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Published by: Satyaprakash pathak

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