प्रतिनिधि, मेदिनीनगर शनिवार को समाहरणालय सभागार में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने की. उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों, पोषण ट्रैकर, फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम, पीएम मातृ वंदना योजना, टीएचआर वितरण, एबीएचए आईडी, अपार आईडी, होम विजिट और बच्चों के पोषण मापन की स्थिति की गहन समीक्षा की. पोषण ट्रैकर की प्रविष्टि और आंगनबाड़ी केंद्रों के पर्यवेक्षण में कई परियोजनाओं की महिला पर्यवेक्षिकाओं की लापरवाही सामने आयी. चैनपुर, पांकी, पाटन, नौडीहा बाजार सहित अन्य क्षेत्रों में प्रविष्टि सही तरीके से नहीं की गयी और नियमित पर्यवेक्षण भी नहीं हुआ. संबंधित पर्यवेक्षिकाओं से स्पष्टीकरण मांगा गया. अनियमितता की शिकायतें मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है डीसी ने बताया कि सेविका-सहायिका चयन में अनियमितता की शिकायतें मिली हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने निर्देश दिया कि केवल अर्हता पूरी करने वाले आवेदकों का चयन किया जाये और शैक्षणिक दस्तावेजों की सही जांच हो. शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया. समीक्षा में पाया गया कि कई केंद्रों में बिजली, पेयजल, शौचालय और पोषण वाटिका जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है. डीसी ने इन सुविधाओं को शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. टीएचआर वितरण की स्थिति पर भी चर्चा हुई, जिसमें बताया गया कि जिले के 1.10 लाख पात्र लाभुकों में से 66 हजार को एफआरएस के माध्यम से पोषण आहार मिला है. डीसी ने शत-प्रतिशत प्रविष्टि और नियमित वितरण सुनिश्चित करने पर बल दिया. पीएम मातृ वंदना योजना के तहत 22 मई तक 620 आवेदन लंबित पाये गये. डीसी ने इनके त्वरित निष्पादन का आदेश दिया.
लापरवाह पर्येवेक्षिका से स्पष्टीकरण मांगा गया
लापरवाह पर्येवेक्षिका से स्पष्टीकरण मांगा गया
