डालटनगंज धर्मप्रांत के ख्रीस्तीय मसीहियों ने पोप फ्रांसिस को दी श्रद्धांजलि

कैथोलिक ईसाई समुदाय के धर्मगुरु पोप फ्रांसिस के निधन पर डालटनगंज धर्मप्रांत ने श्रद्धांजलि सभा के साथ दिव्य करुणा समारोह मनाया.

मेदिनीनगर. कैथोलिक ईसाई समुदाय के धर्मगुरु पोप फ्रांसिस के निधन पर डालटनगंज धर्मप्रांत ने श्रद्धांजलि सभा के साथ दिव्�� करुणा समारोह मनाया. इस अवसर पर रविवार को शाहपुर के सहोदय विद्यालय के परिसर में दिव्य करुणा समारोह का आयोजन हुआ. विभिन्न क्षेत्र से हजारों की संख्या में मसीही परिवार के लोग मौजूद थे. मुख्य अनुष्ठाता बिशप थियोडोर मस्कारेन्हस की देखरेख में श्रद्धांजलि सभा व मिस्सा पूजा अनुष्ठान संपन्न हुआ. ख्रीस्तीय मसीहियों ने श्रद्धांजलि मिस्सा के माध्यम से दिवंगत धर्मगुरु पोप फ्रांसिस को श्रद्धांजलि दी. इस समारोह में डालटनगंज धर्मप्रांत के सभी 23 पल्ली से काफी संख्या में ईसाई समुदाय के महिला-पुरुष शामिल रहे. दिव्य करुणा रोजरी के साथ समारोह शुरू हुआ. इसके बाद जुबली जुलूस निकाला गया. इसमें प्रतिभागियों ने दिव्य करुणा की विनती की. धर्मविधि के अनुसार जुबली क्रूस की उपासना भी की गयी. जिसमें प्रत्येक भेद के लिए विशेष प्रार्थना की गयी. प्रार्थना के माध्यम से कैथोलिक ईसाई समुदाय के लोगों ने पोप फ्रांसिस की आत्मा, कैथोलिक कलीसिया और धर्मप्रांत क्षेत्र में शांति की कामना ईश्वर से की गयी. मुख्य अनुष्ठाता डालटनगंज धर्मप्रांत के बिशप थियोडोर मस्कारेन्हस ने तीन धार्मिक गुणों विश्वास,आशा और दान के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने इस विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये सभी धार्मिक गुण ईसाई धर्म को परिभाषित करते हैं. साथ ही यह धार्मिक गुण पूर्णता के लिए प्रयासरत आशा के तीर्थयात्रियों के रूप में विश्वासियों को एकजुट करते हैं. बिशप ने धर्मगुरु पोप फ्रांसिस के जीवन दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला. कहा कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात कर श्रद्धा पूर्वक समाज में गरीबों व जरूरतमंदों की सेवा करने की जरूरत है. उनके उपदेशों को जीवन का आधार बनाने की आवश्यकता है. श्रद्धांजलि मिस्सा और दिव्य करुणा समारोह के माध्यम से विश्वासियों को दया, विश्वास, आशा और दान के विषयों पर चिंतन करते हुए पोप फ्रांसिस को श्रद्धांजलि देने का एक सार्थक अवसर प्रदान किया. मौके पर शांति की महारानी गिरजाघर के पल्ली पुरोहित अरविंद मुंडा, फादर मोरिस टोप्पो, आमोद, फादर फैबियानुस सिन्दुरिया, फादर विनोद केरकेट्टा, सुमन निरंजन मिंज सहित धर्म प्रांत के 60 पुरोहित के अलावा काफी संख्या में मसीही शामिल थे.

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Published by: Satyaprakash pathak

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