अच्छे संस्कार से ही बच्चे चरित्रवान व आदर्श व्यक्ति बनते हैं : डॉ एके सिंह

शाहपुर न्यू टाउनशिप स्थित ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में रविवार को दादा- दादी सम्मान सह दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ.

मेदिनीनगर. शाहपुर न्यू टाउनशिप स्थित ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में रविवार को दादा- दादी सम्मान सह दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ. ऑक्सफोर्ड स्कूल के प्राचार्य डा एके सिंह, शैक्षिक निदेशक सिम्मी मेहता व कार्यक्रम में शामिल बुजुर्गों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का उदघाटन किया. गणेश वंदना के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ. विद्यार्थियों ने नृत्य व गीत के साथ अतिथियों का स्वागत किया. विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सामूहिक नृत्य व गीत के अलावा बुजुर्गों के सम्मान पर आधारित लघु नाटिका का मंचन किया. शिव स्तोत्र के पाठ के बाद शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किया गया. विद्यालय के प्रेप कक्षा से उतीर्ण 101 विद्यार्थियों को पदक एवं प्रशस्ति पत्र दिया गया. प्राचार्य डा सिंह ने कहा कि बुजुर्गों की सेवा व उनका सम्मान करना भारत की परंपरा रही है. सनातन संस्कृति व परंपरा का निर्वाह करते हुए यह विद्यालय बच्चों को उत्तम संस्कार की सीख दे रहा है. विद्यालय प्रशासन का यह प्रयास है कि बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा देकर उन्हें देश का सभ्य नागरिक बनाया जाये. अच्छे संस्कार से ही बच्चे चरित्रवान व आदर्श व्यक्ति बनते है. प्राचार्य डा सिंह ने कहा कि इस विद्यालय में छठी बार इस तरह का आयोजन किया गया है. उन्होंने बच्चों को दादा-दादी व नाना-नानी के महत्व के बारे में बताया और उनके गुणों से सीख लेने की सलाह दी. कहा कि बच्चों को घर के अलावा बाहर में भी अनुशासन, शिष्टाचार व सुसंस्कार की शिक्षा दी जानी चाहिए. शैक्षिक निदेशक सिम्मी मेहता ने कार्यक्रम में शामिल ग्रैंड पैरेंडस का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि यह विद्यालय प्राचीन परंपरा को संजोये हुए है. बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा दी जाती है. इस तरह के आयोजन से बच्चों के दिलों दिमाग में अपने परिवार के बुजुर्ग सदस्यों के प्रति सम्मान का भाव जागृत होगी. उन्होंने कहा कि प्राचीन परंपरा के मुताबिक हमें बुजुर्गों की आज्ञा का पालन करते हुए उनके आदर्श जीवन से सीख लेना चाहिए. जीवन में कठिनाइयों का सामना करते हुए आगे बढ़े और परिवार की उन्नति के लिए परिश्रम करें. कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के बच्चों को अपने बुजुर्गों का सम्मान करने, प्रतिदिन पैर छू कर बड़ों को प्रणाम करने, माता-पिता व बुजुर्गों की आज्ञा मानने व उनकी सेवा करने का सीख दिया गया. कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका शिवांगी आनंद व मीनू सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन शिक्षिका तनुश्री ने किया.

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Published by: Satyaprakash pathak

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