नीलांबर-पीतांबरपुर. खान एवं खनिज अधिनियम के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने शनिवार को नीलांबर-पीतांबरपुर प्रखंड मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन किया गया. झामुमो के आह्वान पर राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों में आयोजित कार्यक्रम के तहत पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज करायी.
इसकी शुरुआत अमर शहीद नीलांबर-पीतांबर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर हुयी. धरना की अध्यक्षता नवलेश मेहता ने की, जबकि संचालन रमेश कुशवाहा ने किया. कार्यक्रम में झामुमो के वरिष्ठ नेता अभिषेक सिंह, सन्नी शुक्ला व आशुतोष विनायक मौजूद थे. मौके पर अभिषेक सिंह ने कहा कि झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधन राज्य की अर्थव्यवस्था और स्थानीय लोगों के अधिकारों से जुड़े हैं.
खनिज संसाधनों से संबंधित नीतियों में झारखंड और स्थानीय समुदायों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए. श्री सिंह ने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि झारखंड के अधिकार और संसाधनों से जुड़ा सवाल है. केंद्र सरकार की नजर झारखंड के खनिज संपदा पर नजर है. लेकिन झारखंड की जनता से कतई बर्दाश्त नहीं करेगी.
उन्होंने खनिज नीति में राज्य के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की. वरिष्ठ नेता सन्नी शुक्ला ने कहा कि झामुमो झारखंडियों के हक और अधिकार की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाता रहेगा. आशुतोष विनायक ने कहा कि खनन एवं नीलामी से जुड़े फैसलों में स्थानीय लोगों और ग्रामसभा की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए. खनन का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचे, रोजगार के अवसर बढ़ें तथा विस्थापन और पुनर्वास की उचित व्यवस्था हो.
धरना के बाद पार्टी नेताओं ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा. इसमें एमएमडीआर अधिनियम को लेकर पार्टी की आपत्तियों और स्थानीय अधिकारों से संबंधित मांगों को रखा गया. मौके पर मुकेश चौधरी, यमुना सिंह, शिवशंकर पासवान, कुलदीप यादव, सुनील सिंह, मनोज प्रसाद सहित सैकड़ों महिला-पुरुष कार्यकर्ता मौजूद थे.
