पाटन में बीएसएनएल की नेटवर्क सेवा बदहाल, उपभोक्ता हो रहे हैं परेशानकई जगहों पर टावर और 4जी बोर्ड लगे होने के बाद भी नहीं मिल रही सेवाफोटो 30 डालपीएच-3प्रतिनिधि, पाटनपाटन प्रखंड में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की सेवा इन दिनों पूरी तरह चरमरायी हुई है. खराब नेटवर्क के चलते उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि प्रखंड क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर बीएसएनएल के मोबाइल टावर लगाये गये हैं, लेकिन सेवा का स्तर न के बराबर है. मझौली, किशुनपुर ओपी परिसर, लोइंगा, आरेदाना, पोखरिया सहित कई इलाकों में बीएसएनएल के टावर स्थापित हैं. यहां तक कि विभाग ने 4जी सेवा का बोर्ड भी टावरों पर लगा दिया है, लेकिन हकीकत यह है कि नेटवर्क ही नहीं मिल रहा. उपभोक्ताओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सिर्फ बोर्ड लगाने से क्या फायदा, जब नेटवर्क ही न हो. स्थानीय लोगों का कहना है कि बीएसएनएल की दरें अन्य निजी कंपनियों की तुलना में काफी सस्ती हैं, लेकिन सेवा की गुणवत्ता बेहद खराब है. मजबूरी में लोग अपना नंबर अन्य नेटवर्क में पोर्ट करवा रहे हैं, जो महंगा साबित हो रहा है. नेटवर्क समस्या के कारण बीएसएनएल से लोगों का भरोसा उठता जा रहा है, जबकि इसका सीधा लाभ निजी कंपनियों को मिल रहा है. उपभोक्ताओं ने मांग की है कि बीएसएनएल प्रबंधन नेटवर्क सुधार पर गंभीरता से ध्यान दे, अन्यथा ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी उपस्थिति धीरे-धीरे समाप्त हो जायेगी.
पाटन प्रखंड में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की सेवा इन दिनों पूरी तरह चरमरायी हुई है.
प्रतिनिधि, पाटन पाटन प्रखंड में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की सेवा इन दिनों पूरी तरह चरमरायी हुई है. खराब नेटवर्क के चलते उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि प्रखंड क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर बीएसएनएल के मोबाइल टावर लगाये गये हैं, लेकिन सेवा का स्तर न के बराबर है. मझौली, किशुनपुर ओपी परिसर, लोइंगा, आरेदाना, पोखरिया सहित कई इलाकों में बीएसएनएल के टावर स्थापित हैं. यहां तक कि विभाग ने 4जी सेवा का बोर्ड भी टावरों पर लगा दिया है, लेकिन हकीकत यह है कि नेटवर्क ही नहीं मिल रहा. उपभोक्ताओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सिर्फ बोर्ड लगाने से क्या फायदा, जब नेटवर्क ही न हो. स्थानीय लोगों का कहना है कि बीएसएनएल की दरें अन्य निजी कंपनियों की तुलना में काफी सस्ती हैं, लेकिन सेवा की गुणवत्ता बेहद खराब है. मजबूरी में लोग अपना नंबर अन्य नेटवर्क में पोर्ट करवा रहे हैं, जो महंगा साबित हो रहा है. नेटवर्क समस्या के कारण बीएसएनएल से लोगों का भरोसा उठता जा रहा है, जबकि इसका सीधा लाभ निजी कंपनियों को मिल रहा है. उपभोक्ताओं ने मांग की है कि बीएसएनएल प्रबंधन नेटवर्क सुधार पर गंभीरता से ध्यान दे, अन्यथा ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी उपस्थिति धीरे-धीरे समाप्त हो जायेगी.
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