Palamu News: पलामू प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर में रविवार को झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (JCECEB) की ओर से आयोजित एएनएम और जीएनएम प्रवेश परीक्षा शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त माहौल में संपन्न हो गई. शहर के केजी स्कूल और जिला स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया गया था, जहां कुल 2250 अभ्यर्थियों के लिए व्यवस्था की गई थी. दोनों पालियों को मिलाकर 1991 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 259 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे. परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए दोनों केंद्रों पर दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी. इसके साथ ही पुलिस प्रशासन पूरे दिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क रहा.
पहली पाली में 850 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
प्रथम पाली में एएनएम की परीक्षा आयोजित की गई. केजी स्कूल केंद्र पर 480 अभ्यर्थियों के लिए व्यवस्था थी, जिनमें 403 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जबकि 77 अनुपस्थित रहे. जिला स्कूल केंद्र पर 524 अभ्यर्थियों के लिए सीटें निर्धारित थीं. यहां 447 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 77 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे. परीक्षा पर्षद की गाइडलाइन के अनुसार सुबह 9:45 बजे दोनों परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए. इसके बाद पहुंचे किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई. इससे कई देर से पहुंचे अभ्यर्थियों को परीक्षा से वंचित होना पड़ा.
दूसरी पाली में बेहतर रही उपस्थिति
दूसरी पाली में जीएनएम की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित हुई. केजी स्कूल में 480 अभ्यर्थियों के लिए केंद्र बनाया गया था, जहां 431 अभ्यर्थी उपस्थित रहे और 49 अनुपस्थित रहे. जिला स्कूल केंद्र पर 766 अभ्यर्थियों के लिए व्यवस्था थी. यहां 710 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 56 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे. दूसरी पाली में पहली पाली की तुलना में उपस्थिति बेहतर दर्ज की गई.
सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की विशेष नजर
एसपी कपिल चौधरी के निर्देश पर सुबह से ही पुलिस के वरीय अधिकारी दोनों परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया. उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए. दोनों केंद्रों के बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी, ताकि परीक्षा के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था या भीड़ न लगे. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे.
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केंद्रों के बाहर लागू रही धारा 163
सदर अनुमंडल पदाधिकारी की ओर से दोनों परीक्षा केंद्रों के बाहर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की गई थी. इसका उद्देश्य परीक्षा केंद्रों के बाहर अनावश्यक भीड़ जुटने से रोकना और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना था. इसके अलावा, जिले के वरीय अधिकारियों को भी परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. प्रशासन ने पूरे आयोजन के दौरान लगातार निगरानी रखी, जिससे परीक्षा बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो सकी. आखिर प्रतियोगी परीक्षाओं में घड़ी की सुई भी नियमों की सबसे सख्त परीक्षक बन जाती है, क्योंकि 9:46 पर पहुंचने वाले के लिए एक मिनट भी बहुत लंबा साबित हो सकता है.
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