प्रश्न पत्र में गड़बड़ी से परीक्षार्थियों में आक्रोश

नीलांबर- पीतांबर विश्वविद्यालय के द्वारा बुधवार को द्वितीय पाली में मल्टी डिसीप्लीनरी कोर्स की परीक्षा ली गयी.

मेदिनीनगर. नीलांबर- पीतांबर विश्वविद्यालय के द्वारा बुधवार को द्वितीय पाली में मल्टी डिसीप्लीनरी कोर्स की परीक्षा ली गयी. विश्वविद्यालय के तहत विभिन्न महाविद्यालय में बुधवार को द्वितीय पाली में लगभग 3700 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए. इस विषय में 75 नंबर की परीक्षा ली जानी थी. लेकिन विश्वविद्यालय के द्वारा जो प्रश्न पत्र महाविद्यालयों को भेजे गये हैं, उसमें कुल 50 नंबर के ही प्रश्न थे. जब छात्रों ने प्रश्न पत्र देखा तो वे काफी नाराज हुए. विद्यार्थियों ने शिकायत की. पहले तो विश्वविद्यालय ने कहा कि फुल मार्क्स में 75 की जगह 50 लिखा गया है. लेकिन जब उन्हें प्रश्न पत्र के बारे में बताया गया. तब जाकर विवि को गलती का एहसास हुआ. विश्वविद्यालय ने परीक्षा शुरू होने के डेढ़ घंटे के बाद करीब शाम 3:45 बजे सभी महाविद्यालय के केंद्राधीक्षक को फोन पर प्रश्न पत्र के बारे में सूचित किया. इसके बाद प्रश्न पत्र के ग्रुप बी व ग्रुप सी के ऑप्शन को बदल दिया गया. ग्रुप बी में चार प्रश्न दिये गये थे. जिसमें से दो प्रश्न का जवाब देना था. वही ग्रुप सी में चार प्रश्न दिये गये थे. जिसमें से दो प्रश्न का जवाब देना था. लेकिन जब विश्वविद्यालय को इस बारे में जानकारी मिली तो, उसके बाद ग्रुप बी के सभी के प्रश्न को कंपलसरी कर दिया गया. ग्रुप सी के चार प्रश्न में से तीन प्रश्न का जवाब देने का निर्देश दिया गया. जिससे विद्यार्थी काफी आक्रोशित हैं. विश्वविद्यालय के 24 नवंबर के आदेश के अनुसार प्रश्न पत्र की सेटिंग, प्रिंट ऑर्डर, मॉनिटरिंग का जिम्मा डॉ गौरव श्रीवास्तव को दिया गया था. छात्र नेता अमरनाथ तिवारी ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के भविष्य के खिलवाड़ कर रहा है. एक घंटे तक छात्रों के बीच असमंजस की स्थिति बनी रही. जिससे काफी आक्रोश है. परीक्षा विभाग की लापरवाही के कारण हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में पड़ रहा है. इसकी शिकायत कुलपति से की जायेगी.

ग्रुप बी व ग्रुप सी के ऑप्शन में किये गये हैं बदलाव : परीक्षा नियंत्रक

एनपीयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ रवि शंकर ने बताया कि प्रश्न पत्र जैसे आता है. वैसे ही केंद्र पर भेज दिया जाता है. मार्क्स की गलती की शिकायत मिली है. उन्होंने कहा कि सुधारने के लिए ग्रुप बी में सभी चार प्रश्नों का उत्तर देने का निर्देश सभी केंद्राधीक्षकों को दिया गया है. जबकि ग्रुप सी में चार प्रश्न में से तीन प्रश्नों का जवाब देने का निर्देश सभी महाविद्यालयों को दिया गया है.

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By Satyaprakash pathak

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