कागज पर चल रहे पांकी के अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्र,

प्रखंड में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति दयनीय हो गयी है. आंगनबाड़ी केंद्र कब खुलता और कब बंद होता है, इसकी जानकारी लोगों को नहीं मिल पाती है.

पांकी. प्रखंड में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति दयनीय हो गयी है. आंगनबाड़ी केंद्र कब खुलता और कब बंद होता है, इसकी जानकारी लोगों को नहीं मिल पाती है. सोमवार को सुबह 7:40 बजे ढूब पंचायत के उक्सू गांव में पड़ताल की गयी, तो देखा गया कि न तो केंद्र पर बच्चे थे और न ही सेविका व सहायिका ही उपस्थित थीं. ग्रामीणों ने बताया कि महीनों से केंद्र बंद है कभी कभार खुलता है. इसके बाद 8:00 बजे ढूब पंचायत के बरवाडीह आंगनबाड़ी केंद्र जो बंद था. आंगनबाड़ी सेविका के घर पर जाकर पूछने पर उनके पति द्वारा बताया गया कि बीमार हैं, इसलिए केंद्र बंद है. ग्रामीणों का कहना है कि हमेशा केंद्र बंद रहता है और सेविका रांची में रहती है. उसके बाद 8:10 में पांकी प्रखंड के पांकी पूर्वी ग्राम हरैया के आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंचने पर देखा गया कि केंद्र बंद है. आसपास के ग्रामीणों ने जानकारी दी की सरकारी स्कूल की गर्मी छुट्टी से ही आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद कर दिया गया है. सेविका सरिता देवी को फोन करने पर कोई जवाब नहीं दिया गया. इसके बाद 8:20 बजे पांकी पश्चिमी पंचायत के ऊपरी चौरहा के आंगनबाड़ी केंद्र को देखने से प्रतीत हुआ है कि कभी खुला ही नहीं है. आंगनबाड़ी केंद्र सिर्फ खंडहर बन कर रह गया. ग्रामीणों के अनुसार घर से ही रजिस्टर पर केंद्र संचालित होता है. उसके बाद 8:25 बजे पांकी पश्चिमी पंचायत के निचली चौरहा आंगनबाड़ी केंद्र को देखा गया कि घर में खानापूर्ति के लिए केंद्र संचालित है. केंद्र पर एक भी बच्चा नहीं और न ही सेविका व सहायिका थी. सेविका तबस्सुम आरा से बंद पड़े केंद्र के बारे में को पूछे जाने कुछ भी जवाब नहीं दिया. ग्रामीणों ने बताया कि आज तक किसी भी तरह का आंगनबाड़ी केंद्र से किसी को कोई लाभ नहीं मिला है, सिर्फ घर में कागजों पर आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है. उसके बाद 9:40 बजे पांकी पश्चिमी पंचायत के पथरा कला हरिजन टोला आंगनबाड़ी केंद्र में देखा गया कि सिर्फ खाना पूर्ति के लिए सेविका व सहायिका मौजूद थीं. एक भी बच्चा उपस्थित नहीं था. सेविका की पोती साथ में थी. रजिस्टर में 30 बच्चे नामांकित हैं. लोगों ने बताया कि कभी-कभार ही आंगनबाड़ी केंद्र खुलती है. सेविका के स्वजन दबंग हैं. उसके बाद 10:05 बजे पांकी प्रखंड डंडार पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र डंडारकला हरिजन टोला में देखा गया कि आंगनबाड़ी केंद्र बंद था. सेविका सरिता देवी मौजूद नहीं थी. उसके बाद 10:10 बजे पंचायत डंडार कला के आंगनबाड़ी केंद्र डंडार कला कब्रिस्तान टोला में देखा गया कि सिर्फ सेविका आंगनबाड़ी खोल कर मोबाइल चला रही थी. केंद्र में एक भी बच्चा नहीं था. पूछे जाने पर बताया गया कि बच्चे गर्मी में नहीं आते हैं, तो क्या करें रजिस्टर में 30 बच्चे नामांकित हैं. 10:40 बजे कोनवाई पंचायत के बैरिया टोला के घर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र बंद था.आसपास के ग्रामीणों ने कहा कि आंगनबाड़ी के होने ना होने से कोई फर्क नहीं पड़ता सिर्फ सरकार की नजर में है. वर्षों से सरकार द्वारा दिया गया आंगनबाड़ी भवन अर्द्धनिर्मित है जो कि पैसा की निकासी कर ठेकेदारों ने बंदरबांट कर लिया है. सेविका घर में ही कागजों पर केंद्र संचालित करती है.

जांच के बाद होगी कार्रवाई: सीडीपीओ

बंद पड़े दर्जनों आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर पांकी सीडीपीओ राजकुंवर सिंह ने कहा कि यदि आंगनबाड़ी केंद्र बंद होने की शिकायत है, तो इसकी जांच करायी जायेगी और दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी.

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