अद्दि कुडूख सरना समाज ने पारंपरिक तरीके से मनाया हूल दिवस

अद्दि कुडूख सरना समाज की पलामू इकाई ने सोमवार को पारंपरिक तरीके से हूल दिवस मनाया

मेदिनीनगर. अद्दि कुडूख सरना समाज की पलामू इकाई ने सोमवार को पारंपरिक तरीके से हूल दिवस मनाया. इस अवसर पर सदर प्रखंड के पोखराहा कला स्थित सरना समाज के केंद्रीय सरना स्थल पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ. समारोह की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष मिथिलेश उरांव व संचालन जिला सचिव शंकर उरांव ने किया. मुख्य अतिथि सदर प्रखंड की प्रमुख बसंती देवी व सतबरवा के जिप सदस्य सुधा कुमारी, जिला पाहन विंदेश्वर उरांव, जिला संयोजक श्यामलाल उरांव ने विधि- विधान से समारोह का उदघाटन किया. आदिवासी समाज के वीर नायक सिदो कान्हू, चांद भैरव व फूलो झानो की तस्वीर पर फूलमाला अर्पित कर पूजा अर्चना की गयी. प्रार्थना के बाद मुख्य अतिथि प्रखंड प्रमुख बसंती देवी ने समारोह का उद्घाटन किया. धुमकड़िया टीम की युवतियों ने कुडूख भाषा में स्वागत गीत प्रस्तुत किया. अतिथियों ने हूल क्रांति के नायकों को याद करते हुए उनकी वीरता की बखान की. प्रखंड प्रमुख बसंती देवी ने कहा कि 169 वर्ष पहले संथाल परगना से आजादी का बिंगुल फूंका गया था. अंग्रेजों के अत्याचार, जुल्म से आक्रोशित सिद्धो कान्हो,फूलो झानो, चांद भैरव ने भोगनाडीह में 400 गांवों के आदिवासियों एकजुट किया. अंग्रेजों के जुल्म से मुक्ति पाने और जल जंगल व जमीन की रक्षा के लिए मुखर आंदोलन करने का निर्णय लिया गया. जिप सदस्य सुधा कुमारी ने शिक्षा पर विशेष जोर दिया. कहा कि समाज में बदलाव व व्यक्ति के जीवन में सुधार के लिए शिक्षा आवश्यक है.अभिभावक अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दें, मौके पर सुनील उरांव, श्रवण, सरिता, सीताराम, सत्यनारायण, सूरज उरांव ने विचार व्यक्त किया.

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Author: DEEPAK

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