मेदिनीनगर.जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) के शासी परिषद की बैठक मंगलवार को समाहरणालय सभागर में आयोजित की गयी. बैठक में मंगलवार को समाचार पत्र में प्रकाशित खबर, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों द्वारा मरीज को खाट पर नदी में ले जाया जा रहा था के मामले की जांच बिश्रामपुर सीओ से करायी गयी. बैठक में विश्रामपुर के राजखाड़ गांव में अवस्थित धुरिया नदी पर पुल निर्माण कराने का निर्णय लिया गया. इस खबर को प्रभात खबर ने कई बार काफी प्रमुखता से उठाया है. मालूम हो कि राजखाड़ गांव के सुजीत राम की पत्नी चंपा देवी को सोमवार देर शाम प्रसव पीड़ा हुई.जब पीड़ा असहनीय हो गया, तो शाम सात बजे ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालते हुए उसे खटिया पर लिटाकर धुरिया नदी पार कराया. जिसके बाद उसे निजी वाहन से बिश्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है. जिसके बाद बिश्रामपुर सीओ राकेश तिवारी मंगलवार को तीन किलोमीटर पैदल चलकर प्रखंड के अति सुदूरवर्ती पंचायत घासीदाग के राजखाड़ गांव गये. जहां वे ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं से रू-ब-रू हुए.ग्रामीणों ने सीओ राकेश तिवारी को बुनियादी समस्याओं से अवगत कराया. ग्रामीणों ने उनसे गांव को सड़क मार्ग से जुड़वाने का आग्रह किया.सीओ ग्रामीणों के साथ धुरिया नदी किनारे भी गये. पुल निर्माण के लिए स्थलीय निरीक्षण किया. राजखाड़ गांव की भौगोलिक स्थिति भी अन्य गांवों से अलग है. यह गांव पहाड़ की तलहटी में बसा हुआ है. गांव के एक तरफ पहाड़ है. बाकी तीन ओर से धुरिया नदी गुजरता है. जिस पर कोई पुल नहीं है. लगातार हो रही बारिश के कारण राजखाड़ गांव इन दिनों टापू बन चुका है. गांव में जाने के लिए कोई भी पक्की सड़क नहीं है. कच्ची सड़क के बीच में धुरिया नदी पड़ता है. जिस पर पुल नहीं है.जिसके चलते यह गांव टापू बन गया है. लंबे वक्त से धुरिया के लोग नदी पर पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं. बैठक में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर,पलामू सांसद विष्णु दयाल राम, हुसैनाबाद विधायक संजय सिंह यादव, विश्रामपुर विधायक नरेश सिंह, डीसी समीरा एस, डीडीसी जावेद हुसैन, डीएफओ सत्यम कुमार,चतरा सांसद प्रतिनिधि पांकी विधायक प्रतिनिधि समेत अन्य मौजूद थे.
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