चार को सश्रम आजीवन कारावास

मेदिनीनगर : जिला सत्र न्यायाधीश सप्तम रघुवर दयाल की अदालत ने रंगदारी लेने की नीयत से अपहरण करने व एकमत होकर जान से मारने की नीयत से हमला करने के मामले में चार आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. मामला नौडीहाबाजार थाना से संबंधित है. मामले में छह जुलाई 2010 को थाना […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 23, 2016 12:51 AM
मेदिनीनगर : जिला सत्र न्यायाधीश सप्तम रघुवर दयाल की अदालत ने रंगदारी लेने की नीयत से अपहरण करने व एकमत होकर जान से मारने की नीयत से हमला करने के मामले में चार आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. मामला नौडीहाबाजार थाना से संबंधित है.
मामले में छह जुलाई 2010 को थाना इंद्रपुरी रोहतास के निवासी प्रवीण कुमार सिंह ने नौडीहा थाना में मामला दर्ज कराया था. दर्ज मामले में कहा गया था कि उसका भाई रविंद्र कुमार सिंह छतरपुर थाना के ग्राम बरडीहा में क्रशर का संचालन करता था. इसी बीच रंगदारी मांगने की नीयत से उसका अपहरण उक्त आरोपियों ने मिल कर किया था. आरोप लगाया गया था कि पहले उसके भाई को मनातू बुलाया गया, उसके बाद आरोपियों ने उसके हाथ पैर बांध कर 20 लाख रुपये फिरौती की मांग की. जिसके बाद पैसा नहीं देने पर जान से मारने की नियत से उसके भाई के कनपटी में गोली मार दी गयी.
मामले में साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने सभी चारों आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा मुकर्रर्र की. जिन आरोपियों को सजा हुई, उसमें छतरपुर स्थित गुरुआ के विनोद सिंह, मनातू के उदय सिंह उर्फ वीरेंद्र सिंह, विशुनदेव सिंह, राजकुमार सिंह उर्फ अजय उर्फ तिग्गा का नाम शामिल है.
आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है. नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी, जबकि एक आरोपी राजकुमार सिंह उर्फ अजय उर्फ तिग्गा को 27 आर्म्स एक्ट के तहत छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा सुनायी गयी है.