झारखंड मत्स्य विकास निगम का होगा गठन : मंत्री

झारखंड मत्स्य विकास निगम का होगा गठन : मंत्री अगले साल आत्मनिर्भर होने का लक्ष्य सीसीएल, इसीएल, बीसीसीएल की बंद पड़ी खदानों में भी मछली का उत्पादन होगावरीय संवाददातारांची. झारखंड के कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड राज्य मत्स्य विकास निगम का गठन होगा. राज्य की एक टीम असम जायेगी. वहां निगम […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 1, 2015 6:37 PM

झारखंड मत्स्य विकास निगम का होगा गठन : मंत्री अगले साल आत्मनिर्भर होने का लक्ष्य सीसीएल, इसीएल, बीसीसीएल की बंद पड़ी खदानों में भी मछली का उत्पादन होगावरीय संवाददातारांची. झारखंड के कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड राज्य मत्स्य विकास निगम का गठन होगा. राज्य की एक टीम असम जायेगी. वहां निगम का गठन किया गया है. इससे वहां मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में अच्छा काम हो रहा है. निगम की रूप-रेखा टीम के लौटने के बाद तय होगी. श्री सिंह मंगलवार को शालीमार मार्केट स्थित मत्स्य विभाग के प्रशिक्षण केंद्र में प्रेस से बात कर रहे थे. श्री सिंह ने कहा कि 2017-18 से झारखंड दूसरे राज्यों में मछली भेजने लगेगा. 2016-17 तक हम जरूरत भर मछली का उत्पादन करने लगेंगे. अभी राज्य में 1.05 लाख एमटी मछली का उत्पादन होगा. हमारी जरूरत 1.40 लाख एमटी है. अभी राज्य में 1200 केज में मछली का उत्पादन हो रहा है. अगले साल इसकी संख्या पांच हजार करने का लक्ष्य है. कुआं, तालाब, डोभा आदि के अतिरिक्त सीसीएल, इसीएल, बीसीसीएल की बंद पड़ी खदानों में भी मछली का उत्पादन होगा. राज्य में करीब 85 हजार जमाबंदी तथा 26 हजार सरकारी तालाब हैं. मत्स्य पालकों को प्रोत्साहित करने के लिए पिकअप वैन दिया जा रहा है. एक लाख आठ हजार मत्स्य पालकों का बीमा कराया गया है. उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा मत्स्य विभाग को सम्मानित किये जाने पर धन्यवाद दिया. इस मौके पर पशुपालन विभाग की विशेष सचिव पूजा सिंघल तथा मत्स्य निदेशक राजीव कुमार भी मौजूद थे.