नीमा बनी कॉमर्स की जिला टॉपर

छतरपुर की पहाड़ी गांव की रहने वाली है, पिता ने मना किया था पढ़ने से छतरपुर(पलामू) : इंटर वाणिज्य की पलामू जिला टॉपर नीमा कुमारी छतरपुर प्रखंड की पहाड़ी गांव की रहने वाली है. उसका लक्ष्य बैंक पीओ बनने का है. इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए वह अभी से तैयारी में लग गयी है. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 29, 2015 7:47 AM
छतरपुर की पहाड़ी गांव की रहने वाली है, पिता ने मना किया था पढ़ने से
छतरपुर(पलामू) : इंटर वाणिज्य की पलामू जिला टॉपर नीमा कुमारी छतरपुर प्रखंड की पहाड़ी गांव की रहने वाली है. उसका लक्ष्य बैंक पीओ बनने का है. इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए वह अभी से तैयारी में लग गयी है.
मंगलवार को नीमा के घर में जश्न का माहौल था. उसके माता-पिता काफी खुश हैं. यद्यपि नीमा को अपनी पढ़ाई जारी रखने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. पहाड़ी गांव विकास के मामले में काफी पीछे है.
नीमा ने जब मैट्रिक परीक्षा पास करने के बाद आगे की पढ़ाई जारी रखने की इच्छा जतायी थी तो उस वक्त उसके पिता जगदीश साव ने विरोध किया था. जगदीश साव ने कहा कि गांव की लड़की हो. कॉलेज जाओगी, माहौल ठीक नहीं है. कहीं कुछ हो जाये तो बदनामी के अलावा कुछ भी नहीं मिलने वाला है.
पर नीमा पढ़ाई छोड़ने के लिए तैयार नहीं थी. अंतत: उसके घरवालों को उसके जिद के आगे झुकना पड़ा. पहले नीमा विज्ञान में नामांकन लेना चाहती थी, लेकिन मेधासूची उसका नाम नहीं आया, उसके बाद उसने +2 उच्च विद्यालय में वाणिज्य में नामांकन लिया. गांव में बिजली भी नहीं रहती थी, वह ढिबरी में पढ़ाई करती थी. लेकिन हौसला कभी भी नहीं हारा, जब परीक्षा परिणाम आया तो उसके घर वाले काफी खुश हैं.
उसके पिता जगदीश साव का कहना है कि वह तो बदनामी से डर रहा था, लेकिन बेटी ने जिला टॉप कर उसका मान बढ़ा दिया. नीमा जैसी बेटी भगवान सबको दे. क्योंकि नीमा को वह साधन-संसाधन उपलब्ध नहीं करा सका. फिर भी वह अपनी हिम्मत पर पढ़ाई जारी रखी. अपनी सफलता का श्रेय ब्रिलिएंट कोचिंग सेंटर के संचालक चंदन प्रकाश सिन्हा को दी है.