ओके…..इसलाम की अजमत को समझें : नूरी

मुहर्रम इंतेजामिया कमेटी जेनरल का कार्यालय खुलाफोटो-सैकत नेट से मेदिनीनगर. बाजार क्षेत्र के छोटी मसजिद रोड में मुहर्रम इंतेजामिया कमेटी जेनरल का कार्यालय खुला. इसका उदघाटन मुख्य अतिथि मौलाना महताब अहमद नूरी ने किया. श्री नूरी ने कहा कि इसलाम की अजमत को समझने की जरूरत है. अल्लाह की राह में जो शहीद होते हैं, […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 24, 2014 11:02 PM

मुहर्रम इंतेजामिया कमेटी जेनरल का कार्यालय खुलाफोटो-सैकत नेट से मेदिनीनगर. बाजार क्षेत्र के छोटी मसजिद रोड में मुहर्रम इंतेजामिया कमेटी जेनरल का कार्यालय खुला. इसका उदघाटन मुख्य अतिथि मौलाना महताब अहमद नूरी ने किया. श्री नूरी ने कहा कि इसलाम की अजमत को समझने की जरूरत है. अल्लाह की राह में जो शहीद होते हैं, वे मुर्दा नहीं बल्कि जिंदा कहे जाते हैं. इमाम हुसैन ने अधर्म व अन्याय के खिलाफ करबला के मैदान में बातील के साथ जंग किया. इसलाम को बचाने के लिए वे पूरे परिवार के साथ शहीद हो गये. बातीलों को शिकस्त देकर इमाम हुसैन ने दुनिया में अमन व शांति का पैगाम दिया. जरूरत है इमाम हुसैन के नक्शे कदम पर चलने की तभी जीवन में कामयाबी मिलेगी. मिर्जा खलील बेग ने इमाम हुसैन की शान में आंखों के साहीलों के है अश्कों का एक हुजूम, शायद गम-ए-हुसैन का मौसम करीब है, प्रस्तुत किया. कार्यक्रम की सदारत जेनरल के खलीफा नुर मोहम्मद तुल्लू ने की. नेजामत नायब खलीफा गुड्डू खान ने किया. खलीफा तुल्लू ने मुहर्रम में ताजिया निकालने वाले कमेटी के लोगों को सूची जमा करने को कहा है. मौके पर सदर सोहराब अली, इमामुद्दीन खान, हाजी शमीम अहमद, हाजी ललन, हाजी तौकीर, मोहम्मद नेयाज, सरफराज मास्टर,नन्हे खां, मोहम्मद शाहिद, मोहम्मद क्यूम, अहमद जमां खां, परवेज सिद्दकी आदि मौजूद थे.