दो कमरों में 159 बच्चे पढ़ने को मजबूर

दो कमरों में 159 बच्चे पढ़ने को मजबूर

प्रतिनिधि, हरिहरगंज प्रखंड के सेमरवार गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय की स्थिति बेहद दयनीय हो गयी है. विद्यालय दो कमरों वाले जर्जर भवन में संचालित हो रहा है, जहां कक्षा एक से आठ तक के 159 छात्र जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे हैं. भवन की छत की परतें उखड़ चुकी हैं. बरसात के दिनों में छत से लगातार पानी टपकता है, जिससे बच्चों को पढ़ाई करने में काफी परेशानी होती है. विद्यालय परिसर में चहारदीवारी नहीं होने से सुरक्षा को लेकर खतरा बना रहता है. विद्यालय में केवल तीन शिक्षक सीमित संसाधनों में बच्चों को शिक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं. शौचालय जर्जर अवस्था में है और रसोईघर के अभाव में मध्याह्न भोजन विद्यालय के बरामदे में ही तैयार किया जाता है. बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे प्रधानाध्यापक बिनोद कुमार पासवान ने बताया कि विद्यालय भवन की मरम्मत और आवश्यक सुविधाओं के लिए विभाग को कई बार पत्र भेजे गये, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी. उन्होंने कहा, बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा भगवान भरोसे है, किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है. अब मरम्मत नहीं, नवनिर्माण जरूरी ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. उनका कहना है कि विभाग की उदासीनता के कारण बच्चे भय के माहौल में पढ़ाई करने को मजबूर हैं. ग्रामीणों ने कहा कि अब भवन की केवल मरम्मत नहीं, बल्कि नवनिर्माण की आवश्यकता है. विद्यालय के बच्चों ने भी बताया कि बरसात के दिनों में वे कमरे में बैठने से डरते हैं. कई बार छत और दीवार से प्लास्टर गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं. मजबूरी में वे बरामदे में बैठकर पढ़ाई करते हैं.

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By Akarsh aniket

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