मौसम ने नहीं दिया साथ, पर पूजा-अर्चना और जश्न के साथ नये साल की शुरुआत

मेदिनीन��र : बुधवार को वर्ष का पहला दिन था. सभी ने अपने-अपने तरीके से नया वर्ष 2020 का स्वागत किया. हालांकि सुबह से ही मौसम खराब रहा. हल्की बारिश भी हुई. बारिश के कारण कनकनी बढ़ी. कड़ाके की ठंड पड़ी. कड़ाके की ठंड में भी लोगों ने अपने -अपने तरीके से नया साल का स्वागत […]

मेदिनीनगर : बुधवार को वर्ष का पहला दिन था. सभी ने अपने-अपने तरीके से नया वर्ष 2020 का स्वागत किया. हालांकि सुबह से ही मौसम खराब रहा. हल्की बारिश भी हुई. बारिश के कारण कनकनी बढ़ी. कड़ाके की ठंड पड़ी. कड़ाके की ठंड में भी लोगों ने अपने -अपने तरीके से नया साल का स्वागत किया. इसे लेकर मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही.

इधर हाल के पांच-सात वर्षों के दौरान यह कल्चर तेजी के साथ विकसित हुआ है.जब लोग नये वर्ष की शुरुआत मंदिर में पूजा-अर्चना कर रहे हैं. पहले आमतौर पर यह देखा जाता था कि युवा इससे दूर रहते थे. मंदिर व धार्मिक स्थलों पर जाने के बजाये इस दिन में पिकनिक में मौज मस्ती पर विशेष जोर रहता था. लेकिन अब युवा भी बड़ी संख्या में मंदिरों में पहुंच रहे हैं.
छहमुहान स्थित काली मंदिर के मुख्य पुजारी सुरेश शास्त्री का कहना है कि लोग चाहते हैं कि नये साल की शुरुआत पूजा-अर्चना के साथ हो. क्योंकि यह भारत की संस्कृति रही है कि कोई भी शुभ कार्य ईश्वर को याद कर ही किया जाता है. इसलिए पहले एक उम्र के बाद लोग पूजा-अर्चना के प्रति जागरूक होते थे. लेकिन अब युवाओं में भी धर्म के प्रति आस्था बढ़ी है. इसे शुभ संकेत माना जाना चाहिए. क्योंकि पूजा-अर्चना व धर्म के प्रति आस्था से संस्कार व संस्कृति की जड़ें मजबूत होती है.
सुदना के रहने वाले युवा केशव पांडेय कहते है कि यह जरूरी है कि हम संस्कार व संस्कृति को न भूले. अभिभावकों से जो कुछ सीखा है, उसे वे लोग आगे बढ़ा रहे है. ऐसा करने से एक बेहतर माहौल बनता है.
नये साल को लेकर आमलोगों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो, इसके लिए सुरक्षा के ‍भी मुकम्मल इंतजाम किये गये थे. सभी पिकनिक स्पॉट पर्यटन स्थल के पास पुलिस गश्त कर रही थी. पिछले दो तीन वर्षों के समीक्षा के दौरान जो बातें सामने आयी थी, उसके मुताबिक नये वर्ष के मौके पर सड़क दुर्घटना की घटना होती थी. इसलिए इस बार पुलिस का फोकस इस बात को लेकर था कि शराब पीकर लोग वाहन न चलायें. साथ ही सुरक्षा के लिए हेलमेट पहने.
इसके लिए पुलिस ने कार्रवाई का डंडा नहीं चलाया. बल्कि पलामू पुलिस खराब मौसम में भी सड़कों पर गांधीगिरी करती नजर आयी. एसपी अजय लिंडा ने यह स्पष्ट तौर पर निर्देश दिया था कि नये वर्ष के दौरान चेकिंग या जांच के दौरान किसी भी शख्स के साथ पुलिस दुर्व्यवहार न करे, बल्कि हर एक के साथ विनम्रता के साथ पेश आये. इसका असर भी देखने को मिला.

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