मेदिनीनगर : सब्जी के दाम आसमान छू रहे हैं. पुराना आलू को छोड़कर कोई भी सब्जी 30 रुपये किलो से नीचे नहीं मिल रही है. यही कारण है कि आमलोगों की थाली से हरी सब्जी गायब हो रही है. सब्जी के नाम पर पुराने आलू के साथ सोयाबिन या चना को उपयोग में लाया जा रहा है. अभी पर्व का महीना चल रहा है. दशहरा बीता है.
दीपावली व छठ की तैयारी चल रही है. ऐसे में सब्जियों के बढ़े भाव आमलोगों के बजट को भी काफी प्रभावित किया है. सब्जी व्यवसाय से जुड़े विजय गुप्ता की मानें तो यह स्थिति एक माह तक बनी रहेगी. जब तक लोकल सब्जी नहीं निकलेगी तब तक यह स्थिति बनी रहेगी. क्योंकि अभी जो सब्जी मार्केट में है वह बाहर से आ रही है.
ऐसे में परिवहन तथा अन्य चीजों पर जो खर्च हो रहे है उसे सब्जी के भाव के साथ ही जोड़ दिया जा रहा है. खपत के अनुसार आपूर्ति नहीं हो पा रही है इस कारण भी यह स्थिति बनी है. वैसे इस महीने में प्रत्येक वर्ष ऐसी स्थिति बनती है. कारण स्थानीय स्तर पर सब्जी का उत्पादन मौसम आधारित है. इसलिए जब मौसम के अनुरूप सब्जी मार्केट में आती है तो अचानक भाव भी गिरता है. क्योंकि गांव में जब उत्पादन होता है तो किसान उसे लेकर शहर में बेचने आते हैं.
