आदिम जनजाति परहिया के तीन लोगों की मौत
मेदिनीनगर/नावाबाजार : पलामू के नावाबाजार प्रखंड की सोहदाग पंचायत स्थित कुंभीखुर्द गांव के सलैया टीकर टोला निवासी आदिम जनजाति संकट में है. टीबी रोग से पिछले छह माह में टोला के तीन लोगों (बुधन परहिया, शीतल परहिया और जानकी परहिया) की मौत हो चुकी है. वहीं, 55 साल के कामेश्वर परहिया की हालत गंभीर है. बीमारी से इस कदर टूट चुके हैं कि खाट पर ही पड़े रहते हैं, खड़े भी नहीं हो पा रहे हैं. इसी टोले में रहनेवाले संतोष परहिया ने कहा कि वह चार वर्षों से टीबी रोग से ग्रसित है.
टीबी की दवा विश्रामपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मिलती है, लेकिन वहां तक जाने में लगभग 100 रुपये खर्च हो जाते हैं. सलैया टीकर टोला के लोगों को पहले नावाबाजार मुख्य पथ पर जाना पड़ता है. वहां से विश्रामपुर जाने की गाड़ी मिलती है. सलैया टीकर टोला में टीबी रोग से ग्रसित लोगों की संख्या लगभग एक दर्जन है.
राजेंद्र परहिया ने कहा कि उसने विश्रामपुर स्वास्थ्य केंद्र के साथ-साथ छतरपुर स्वास्थ्य केंद्र से भी इलाज कराया, लेकिन अब तक सुधार नहीं हुआ. वह इतना सक्षम नहीं है कि अच्छे अस्पतालों में इलाज करा सके. टोले में रहने वाले परहिया जनजाति के अधिकतर लोगों की यही परेशानी है. टीबी का इलाज कराने के लिए उनके पास न तो बेहतर संसाधन हैं और न ही पैसे.
