किताब नहीं, छत देख कर ककहरा सीखते हैं नौनिहाल

पाटन (पलामू) : पलामू के सांसद आदर्श ग्राम किशुनपुर पंचायत के बरडीहा उत्क्रमित मध्य विद्यालय का भवन काफी जर्जर स्थिति में है. स्कूल की छत जर्जर हो चुकी है, न जाने कब गिर जाये. दो कमरे के इस स्कूल भवन में 143 विद्यार्थी नामांकित हैं. एक कमरे की स्थित काफी खराब होने के कारण उसे […]

पाटन (पलामू) : पलामू के सांसद आदर्श ग्राम किशुनपुर पंचायत के बरडीहा उत्क्रमित मध्य विद्यालय का भवन काफी जर्जर स्थिति में है. स्कूल की छत जर्जर हो चुकी है, न जाने कब गिर जाये.

दो कमरे के इस स्कूल भवन में 143 विद्यार्थी नामांकित हैं. एक कमरे की स्थित काफी खराब होने के कारण उसे बंद कर दिया गया है. विद्यालय में कक्षा एक से लेकर आठ तक की पढ़ाई होती है. शिक्षकों ने बताया कि एक से चार कक्षा तक के विद्यार्थी बरामदे में बैठकर पढ़ते हैं, जबकि पांच से आठ तक के विद्यार्थी एक कमरे में पढ़ते हैं.
ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि जब चार अलग-अलग कक्षा के बच्चे एक ही कमरे में बैठ कर पढ़ेंगे तो वह किस तरह शिक्षा ग्रहण करते होंगे, इस स्थिति को समझा जा सकता है. इतना ही नहीं जब बारिश होती है तो बरामदे के बच्चे को भी उसी कमरे में शिफ्ट कर दिया जाता है, जहां पहले से ही चार कक्षा के विद्यार्थी बैठे रहते हैं.

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