मेदिनीनगर : बीड़ी पत्ता व्यवसायी राघवेंद्र तिवारी के बीड़ी पत्ता गोदाम से बीड़ी पत्ता व्यवसायी हरदीप सिंह बग्गा उर्फ काकू सरदार और पंकज कुमार तिवारी ने ही मिल कर चोरी की थी. चोरी की गयी बीड़ी पत्ता के बोरे हरदीप और पंकज के संयुक्त गोदाम से बरामद किया गया है. पुलिस ने हरदीप व पंकज को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही चोरी किये गये 650 बोरा बीड़ी पत्ता को भी बरामद कर लिया है. सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में पलामू के पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत माहथा ने इस पूरे मामले की जानकारी दी.
20 नवंबर को बीड़ी पत्ता व्यवसायी राघवेंद्र तिवारी ने सदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज की थी, जिसमें बताया गया था कि चियांकी हवाई अड्डे के पास स्थित उनके गोदाम से लगभग 700 बोरा बीड़ी पत्ता जिसकी अनुमानित मूल्य लगभग 42 लाख रुपया है. उसकी चोरी दीपावली व छठ के बीच कर ली गयी है. यह बीड़ी पत्ता पताका बीड़ी कंपनी पश्चिम बंगाल के जिला मुर्शीदाबाद में भेजा जाना था. बोरा का अंदर इस कंपनी का स्टीकर भी था.
मामला दर्ज होने के बाद पलामू के पुलिस अधीक्षक श्री माहथा ने इस मामले के उदभेदन के लिए पुलिस उपाधीक्षक प्रेमनाथ के नेतृत्व में टीम का गठन किया. इस टीम में पुलिस निरीक्षक तरुण कुमार,सदर थाना प्रभारी ममता कुमारी को शामिल किया गया था. इस पूरे मामले का खुलासा किया गया. एसपी श्री माहथा ने बताया कि हरदीप सिंह बग्गा उर्फ काकू सरदार बेलवाटिका का रहने वाला है.
जबकि पंकज कुमार तिवारी रेड़मा के भगवती हॉस्पिटल के पास रहते हैं. दोनों ने इस कांड में अपनी अंतरर्लिप्ता स्वीकार की है. साथ ही इस मामले में शामिल अन्य अपराधियों के बारे में भी बताया है. इन दोनों के अलावा इस कांड में शंकर राम का भी नाम शामिल है,जोकि मटपुरही गांव का रहने वाला है.
एसपी श्री माहथा ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर नियुक्त दंडाधिकारी सीओ शिवशंकर पांडेय के मौजूदगी में 650 बोरा बीड़ी पत्ता जो चोरी गया था. नया बोरा में पैक किया हुआ हरा रंग का ब्रश, एक बड़ा कटोरा, पताका बीड़ी पत्ता का छोटा-छोटा पुरजा, जिसमें पार्टी का नाम राघवेंद्र तिवारी का मुहर लगा था. उसे काकू सरदार व पंकज तिवारी के संयुक्त बीड़ी पता गोदाम से बरामद की गयी.
काकू सरदार व पंकज का गोदाम राघवेंद्र तिवारी के गोदाम से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित है. एसपी श्री माहथा का कहना है कि छानबीन के दौरान जो जानकारी मिली, उसके मुताबिक लगभग 700 बोरे की चोरी तीन चार दिन के अंदर की गयी है. इसके लिए आरोपियों ने दीपावली व छठ के बीच का समय चुना था. क्योंकि उस दौरान सभी लोग पर्व व त्योहार में व्यस्त रहते हैं.
बेहतर क्वालिटी के होने के कारण थी नजर
एसपी इंद्रजीत माहथा का कहना है कि यह मामला व्यावसायिक स्तर पर राघवेंद्र तिवारी को डैमेज देने का भी था. क्योंकि जंगल के टेंडर के समय ही राघवेंद्र तिवारी के साथ हरदीप सिंह बग्गा उर्फ काकू सरदार और पंकज कुमार तिवारी का विवाद हुआ था. उसके बाद जब बीड़ी पत्ते के तुड़ाई के बाद वह गोदाम में पहुंचा, तो राघवेंद्र तिवारी का पत्ता अच्छे गुणवत्ता वाला था.
इस वजह से भी हरदीप व पंकज कुमार तिवारी राघवेंद्र को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए गोदाम में चोरी कर ली थी. क्योंकि हरदीप व पंकज के गोदाम में जो माल था, वह अच्छे क्वालिटी के नहीं होने के कारण बिक्री नहीं हो रही थी. इसलिए राघवेंद्र के ही गोदाम पर दोनों ने सेंध लगाया.उनलोगों को यह लगा था कि अच्छी क्वालिटी के पत्ते होने के कारण उनलोगों का खराब माल भी इसमें मिक्स कर निकाल देंगे.
नया नहीं है गोदाम में चोरी का मामला
बीड़ी पत्ता गोदाम में चोरी का यह मामला नया नहीं है. यदि नया कुछ है, तो वह यह है कि इस बार पुलिस तक मामला पहुंचा और पुलिस की सक्रियता से पूरे मामले का खुलासा भी हो गया. जानकारों की माने तो 2018 के पहले 2016-17 में भी चियांकी में स्थित गोदामों में चोरी के इस तरह की घटना हुई थी. लेकिन वह बड़े पैमाने पर नहीं थी.
इसलिए इससे जुड़े लोगों ने शिकायत भी दर्ज नहीं करायी थी. लेकिन इस बार मामला बड़ा था. एसपी इंद्रजीत माहथा की माने तो जैसे ही पुलिस को सूचना मिली कि पुलिस ने इस घटना को चुनौती के रूप में लेते हुए इसके उदभेदन में जुट गयी थी. पुलिस के सक्रियता से इस मामले का उदभेदन कर लिया गया है. इस मामले में शामिल अन्य अपराधियों के गिरफ्तारी के लिए छापामारी चल रही है. साथ ही अन्य पहलुओं पर भी पुलिस की छानबीन जारी है.
