सड़क का अभाव, मरीजों के लिए चारपाई बना सहारा

हुसैनाबाद : एक तरफ सरकार कल्याणकारी योजनाओं की बात करती है. लेकिन आज भी आजादी के 70 साल बाद भी गांव की तस्वीर व हालात जस के तस है. इसका मिसाल है बनियाडीह बराही का कुडवा गांव. हुसैनाबाद अनुमंडल मुख्यालय से महज 10 किमी दूरी पर स्थित यह गांव है. जो पथ की जर्जर स्थिति […]

हुसैनाबाद : एक तरफ सरकार कल्याणकारी योजनाओं की बात करती है. लेकिन आज भी आजादी के 70 साल बाद भी गांव की तस्वीर व हालात जस के तस है. इसका मिसाल है बनियाडीह बराही का कुडवा गांव. हुसैनाबाद अनुमंडल मुख्यालय से महज 10 किमी दूरी पर स्थित यह गांव है. जो पथ की जर्जर स्थिति से कारण मुख्य शहर से कटा हुआ है. इस गांव में जाने के लिए जपला-दंगवार मुख्य पथ के बनीयाडीह से रास्ता गयी है. गांव में जाने के लिए एक सड़क है. लेकिन गड्डा में सड़क की सड़क में गड्डा कहना मुश्किल है.
पथ की खराब हालत होने के कारण गांव में आज भी बड़े वाहनों का परिचालन ना के बराबर है. सबसे ज्यादा परेशानी बरसात के मौसम में हो जाती है. जब गांव में आज भी लोग बीमार पड़ते हैं, तो वह किसी तरह इलाज के लिए जपला या दंगवार चले जाते हैं. लेकिन गंभीर स्थिति में मरीजों को आज भी चारपाई ही उनका
सहारा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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