मेदिनीनगर : जिला जज नम्बर-4 शत्रुंजय कुमार सिंह की अदालत ने दहेज हत्या के अरोपी पति व सास को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. आरोपी निवासी पांकी रोड, बारोलोटा, मेदिनीनगर के अच्युतराज सिद्धार्थ पति व शशिकला सास के विरुद्ध सदर थाना में प्राथमिकी चार दिसंबर 2016 को दर्ज हुआ था.
मामले की प्राथमिकी मृतिका प्रिया गुप्ता उर्फ रानी के पिता निवासी केदारपुर, अंबिकापुर, राज्य छत्तीसगढ के प्रभु नारायण गुप्ता ने दर्ज करवायी थी. दर्ज प्राथमिकी में यह कहा गया था कि सूचक अपनी पुत्री की शादी 13 जुलाई 2016 को हिंदू रीति रिवाज के साथ ठाकुरबाड़ी रेड़मा में संपन्न करवायी थी. शादी के वक्त चार पहिया गाड़ी, सामान के साथ पूरे धूम-धाम से शादी संपन्न हुई थी.
आरोप में कहा गया था कि शादी के तीन माह तक उसकी पुत्री अपने ससुराल में ठीक से रही. उसके बाद ससुराल के अन्य सदस्य मिल कर उसकी पुत्री के साथ दहेज की खातिर अत्याचार करने लगे. इसकी शिकायत उसकी पुत्री ने कई बार मोबाइल के माध्यम से दी. परंतु कई बार बात विचार होने के बाद भी ससुराल वालों का रवैया नहीं सुधरा और उसकी पुत्री पर लगातार दहेज का दबाब बनाकर अत्याचार बढ़ता गया.
आरोप है कि चार दिसंबर 2016 के पूर्व रात्रि को उसे फोन के माध्यम से आरोपी पति अच्युतराज सिद्वार्थ ने जानकारी दी की उसी पुत्री अपने को कमरे में बंद कर ली है और दरवाजा नहीं खोल रही है. इसपर सूचक ने अपनी पुत्री से बात करवाने को कहा, तो उसे पुत्री से बात नहीं करवाया गया. इसपर सूचक को कुछ ठीक नहीं लगा और अनहोनी का शक हुआ. इसके बाद वह स्वयं रात 11 बजे बस पकड़ कर अंबिकापुर से गढवा होते डालटनगंज अपनी पुत्री के ससुराल पहुंचा, जहां उसने सामान्य अवस्था में सास और ननद को आंगन में ब्रश करते पाया. पूछने पर बताया गया कि उसकी पुत्री कमरे में है.
बेडरूम में पहुंचने पर उसने पाया की उसकी पुत्री पंखे से फंदा पर लटकी है और उसका पैर जमीन पर सटा है. इसपर बात पर जब ससुराल पक्षों से बात किया, तो उसे बाहर भगा दिया गया. इसके बाद सूचक वस्तुस्थिति के आधार पर अपनी पुत्री की हत्या किये जाने की नामजद प्राथमिकी सदर थाना मेदिनीनगर में आकर दर्ज करवायी. मामले में गवाहों की गवाही, कागजी सबूत, पुलिस अनुसंधान रिपोर्ट व मेेडिकल जॉच रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने मामले में आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास कीसजा सुनायी.
