लोक लेखा समिति ने जमीनी हकीकत को देखा, बैठक में हुई चर्चा

मेदिनीनगर : संपूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत इलाके को खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए अभियान चल रहा है. शौचालय का निर्माण भी हो रहा है. लेकिन पानी के अभाव में शौचालय का सदुपयोग नहीं हो पा रहा है. शौचालय का उपयोग लोग गाय, भैंस, बकरी बांधने के लिए कर रहे हैं. कई […]

मेदिनीनगर : संपूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत इलाके को खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए अभियान चल रहा है. शौचालय का निर्माण भी हो रहा है. लेकिन पानी के अभाव में शौचालय का सदुपयोग नहीं हो पा रहा है. शौचालय का उपयोग लोग गाय, भैंस, बकरी बांधने के लिए कर रहे हैं. कई शौचालयों में तो गोइठा व लकड़ी रखी जा रही है. लोकलेखा समिति की बैठक में यह मामला उठा. गुरुवार को झारखंड विधानसभा की लोक लेखा समिति मेदिनीनगर में थी.

समिति के सभापति सह सत्तारुढ़ दल के मुख्य सचेतक राधाकृष्ण किशोर की अध्यक्षता में परिसदन के सभागार में बैठक हुई. इसमें स्वच्छता अभियान के दौरान बने शौचालय के निर्माण पर चर्चा की गयी. बैठक में बताया गया कि बुधवार को गढ़वा के लगमा गांव में जाकर देखा गया था. वहां पाया गया कि शौचालय जो बने है उसमें ग्रामीण गोइठा व लकड़ी रख रहे हैं.

पाटन के बासदह के शौचालयों में भैंस बांधे जा रहे हैं. बताया गया कि समिति ने जब इस पहलू पर गंभीरता से चर्चा की तो पाया कि पानी के अभाव में शौचालयों का सदुपयोग नहीं हो पा रहा है. इस पर यह कहा गया कि पलामू में डिस्ट्रिक मिनरल फंड ट्रस्ट में करीब आठ करोड़ 47 लाख रुपये पड़े हुए है. ऐसे में समिति के सभापति श्री किशोर ने यह सुझाव दिया है कि यदि इस राशि का उपयोग शौचालय में पानी पहुंचाने के लिए हो और चापानल लगाये जाये तो इस राशि से करीब साढ़े 26 हजार शौचालयों में पानी उपलब्ध कराया जा सकता है. ऐसा होने से स्वच्छता अभियान को गति मिलेगी. सरकार का भी फोकस इस अभियान के प्रति है.
इसलिए इस कार्य को गंभीरता से लेने की जरूरत है.
समिति ने तय किया है कि जमीनी हकीकत को भी देखा जायेगा. इसके अलावा समिति ने प्रधानमंत्री आवास योजना की भी समीक्षा की. समीक्षा के दौरान बताया गया कि 2016-17 से लेकर 2018-19 तक इस तीन वित्तीय वर्ष के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पचास हजार 476 आवास निर्माण कार्य को स्वीकृति मिली है. लेकिन जो आंकड़े है उसके मुताबिक दस हजार 450 आवास का निर्माण कार्य ही पूर्ण हुआ है. इस पर समिति के सभापति श्री किशोर ने अप्रसन्नता जाहिर की है. बैठक में समिति के सदस्य सह विधायक विमला प्रधान, पलामू के उपविकास आयुक्त बिंदु माधव सिंह, अपर समाहर्ता प्रदीप प्रसाद, खान विभाग के डिप्टी डायरेक्टर अरुण कुमार, मेदिनीनगर नगर निगम के कार्यपालक पदाधिकारी अजय कुमार साव सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे.
हिंडाल्को की जांच के लिए बनी कमेटी: हिंडाल्को इंडस्ट्रीज का कठौतिया कोल माइंस प्रबंधन भारतीय कोयला मंत्रालय द्वारा तय किये गये मानक के अनुरूप कार्य कर रहा है या नहीं इसकी जांच की अनुशंसा लोकलेखा समिति ने महालेखाकार से की है. समिति का कहना है कि मंत्रालय ने जो मानक तय किये है उसके आधार पर प्रबंधन को जो कार्य करना चाहिए वह हो रहा है या नहीं इसकी जांच की अनुशंसा की गयी है. बैठक में इस बात पर चर्चा की गयी कि प्रबंधन द्वारा कोयला परिवहन के लिए जिस पथ का प्रयोग किया जा रहा है उसमें पाटन इलाके के 12 गांव के लोग आते हैं. माइंस में सैकड़ों गाड़ी चलती है जिसके कारण आवागमन प्रभावित होता है. साथ ही जगन्नाथ पासवान ने समिति से यह शिकायत की थी कि उसके अगल-बगल की जमीन पर खनन का कार्य हो रहा है.
उसका घर बीच में है.परेशानी हो रही है. लेकिन प्रबंधन उसकी समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा है. जबकि कजरी के बसंत सिंह की यह शिकायत थी कि उसके साढ़े 16 एकड़ जमीन पर प्रबंधन द्वारा डस्ट डाल दिया गया है. समिति की सभापति श्री किशोर ने इस पूरे मामले के जांच के लिए पलामू के उपविकास आयुक्त बिंदु माधव सिंह के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की है. इस कमेटी में जिला खनन पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक सुरजीत कुमार को शामिल किया गया है. बताया गया कि एक कमेटी डिप्टी डायरेक्टर अरुण कुमार के नेतृत्व में बनी है जो कि यह देखेगी कि प्रबंधन द्वारा जिन इलाके में खनन किया जा रहा है उसका सीमांकन हुआ है या नहीं.
संपूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत इलाके को खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए चला रहा अभियान
कोई गाय, भैंस, बकरी बांधने के लिए तो कोई गोइठा व लकड़ी रखने के लिए कर रहा इस्तेमाल

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