धनवानों को जकात निकालना अनिवार्य

शहरी व ग्रामीण इलाकों में स्थित मसजिदों में रमजान माह के दूसरे जुम्मे की नमाज अदा की गयी सदका जकात अल्लाह के कोपभाजन से बचाता है मेदिनीनगर : शुक्रवार को रमजान माह के दूसरे जुम्मे की विशेष नमाज अदा की गयी. पलामू जिला के शहरी व ग्रामीण इलाकों में स्थित मसजिदों में रमजान माह के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 10, 2017 8:59 AM
शहरी व ग्रामीण इलाकों में स्थित मसजिदों में रमजान माह के दूसरे जुम्मे की नमाज अदा की गयी
सदका जकात अल्लाह के कोपभाजन से बचाता है
मेदिनीनगर : शुक्रवार को रमजान माह के दूसरे जुम्मे की विशेष नमाज अदा की गयी. पलामू जिला के शहरी व ग्रामीण इलाकों में स्थित मसजिदों में रमजान माह के दूसरे जुम्मे की नमाज अदा की गयी. नमाज अदा करने से पहले तकरीर हुआ. नमाजियों को रमजान माह के महत्व व जकात के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी. प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर के छहमुहान स्थित जामा मसजिद के पेश इमाम मुफ्ती मोहम्मद शाहनवाज कासमी ने नामाज से पहले तकरीर किया. इस दौरान नमाजियों को बताया गया कि रमजान माह में जकात का विशेष महत्व है.
अल्लाहताला ने वैसे मुसलिम समुदाय के लोग जो आर्थिक रूप से संपन्न है, उनपर जकात फर्ज करार दिया है. हदीश के अंदर जकात निकालने पर बड़ी फजिलत बतायी गयी है. नबी सल्लाहु अलैह वस्ल्लम में फरमाया कि सदका जकात अल्लाह के कोपभाजन से बचाता है. वैसे धनवान मुसलमान जकात नहीं निकालते उनके लिए कुरान व हदीश में सख्त हिदायत दी गयी है. इसलिए सभी आर्थिक रूप से संपन्न मुसलमानों को प्रत्येक वर्ष संचित अपने धन में से ढाई प्रतिशत जकात के रूप में निकाले और समाज के गरीब,मजलूम व असहाय लोगों के बीच वितरण करें. जुम्मे की नमाज में काफी संख्या मे नमाजी शामिल थे.