सदर अस्पताल के पास 14 लाख से बना शौचालय जनता के लिए बंद

सदर अस्पताल के पास बने 14.58 लाख रुपये लागत के सामुदायिक शौचालय की स्थिति बहुत खराब हो गई है। सफाई और रखरखाव न होने से लोग इसका उपयोग बंद कर चुके हैं, जिससे विशेषकर महिलाओं को असुविधा हो रही है। शौचालय में नियमित सफाई नहीं होने के कारण ताला लगा रहता है और आसपास गंदगी फैल रही है। जिला परिषद मामले की जांच कर सुधार का प्रयास करेगी ताकि पुनः बेहतर सेवा मिल सके।

राघव मिश्रा, पाकुड़ सोनाजोड़ी स्थित सदर अस्पताल के मुख्य द्वार के समीप जिला परिषद की ओर से वर्ष 2019-20 में लगभग 14 लाख 58 हजार 420 रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक शौचालय आज बदहाल स्थिति में पहुंच गया है. साफ-सफाई और नियमित रखरखाव के अभाव में यह शौचालय लोगों के उपयोग से लगभग बाहर हो चुका है. इसका निर्माण अस्पताल आने वाले मरीजों, उनके परिजनों, राहगीरों और आसपास के लोगों की सुविधा को ध्यान में रखकर कराया गया था, लेकिन वर्तमान में इसकी स्थिति काफी खराब हो गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से नियमित सफाई नहीं होने के कारण शौचालय परिसर में गंदगी का अंबार लग गया था. इसके चलते लोग इसका उपयोग करने से कतराने लगे हैं. नतीजतन कई लोगों को खुले में शौच या अन्य विकल्पों का सहारा लेना पड़ रहा है. इसका सबसे अधिक असर महिलाओं पर पड़ रहा है, जिन्हें विशेष असुविधा का सामना करना पड़ता है. पास में दुकान चलाने वाली जुबेदा बीवी ने बताया कि शौचालय में पानी की व्यवस्था के लिए मोटर लगाया गया है और भवन की चाबी भी उनके पास रहती है. उन्होंने कहा कि सफाई नहीं होने के कारण लोग इसका उपयोग नहीं करते. यदि शौचालय खुला छोड़ दिया जाए तो लोग और अधिक गंदगी फैला देते हैं. विभागीय स्तर पर नियमित सफाई नहीं होने के कारण अधिकांश समय शौचालय में ताला लगा रहता है. क्या कहते हैं डीडीसी इसकी जानकारी मिली है. मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और शौचालय को दुरुस्त कराने का प्रयास किया जाएगा. इससे लोगों को फिर से बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी. अरविंद कुमार लाल, डीडीसी

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