51 कुंडी गायत्री संस्कार महोत्सव के दूसरे हुआ हवन

पाकुड़. 51 कुंडी गायत्री संस्कार महोत्सव के दूसरे दिन शहर के सिंधीपड़ा धर्मशाला में हवन व पूजन कार्यक्रम हुआ.

पाकुड़. 51 कुंडी गायत्री संस्कार महोत्सव के दूसरे दिन शहर के सिंधीपड़ा धर्मशाला में हवन व पूजन कार्यक्रम हुआ. इस दौरान शहर के श्रद्धालुओं समेत गायत्री परिवार ने हवन किया. इस दौरान आसपास का वातावरण भक्ति में रहा. गायत्री परिवार के मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि यज्ञ के दूसरे दिन हवन व पूजन का आयोजन हुआ. बताया कि हवन करने का मुख्य उद्देश्य वातावरण को शुद्ध करने, सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने और देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए है. धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टिकोण से हवन के कई लाभ हैं. हवन वातावरण को शुद्ध करने में मदद करता है, जिससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है. हवन के माध्यम से देवी-देवताओं को आहुति दी जाती है, जिससे वे प्रसन्न होते हैं. मनुष्य के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है. बताया कि हवन के बाद हरिद्वार से आए श्रीनिवास तिवारी ने प्रवचन दिया. इसमें आसपास से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए.

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