नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी को आजीवन सश्रम कारावास की सजा

नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी को आजीवन सश्रम कारावास की सजा

पाॅक्सो न्यायालय सह प्रधान न्यायाधीश के कोर्ट में चार साल पुराने मामले में सुनवाई कोर्ट प्रतिनिधि, पाकुड़. पाकुड़ के विशेष पॉक्सो न्यायालय सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पाकुड़ ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में सुनवाई की. कोर्ट ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अंजना गांव निवासी जफर शेख को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनायी. साथ ही न्यायालय ने उसपर 50,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया. अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने की स्थिति में दोषी को एक वर्ष की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी. थाना कांड संख्या 91/2021 व पोक्सो केस संख्या 26/22 के तहत दर्ज इस मामले में पीड़िता के पिता द्वारा 17 मई 2021 को लिखित बयान दर्ज कराया गया था. उनके अनुसार, 16 मई 2021 की रात उनकी नाबालिग बेटी घर से अचानक गायब हो गयी थी. काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला. अगले दिन रात एक बजे के आसपास वह घर लौटी और परिजनों को बताया कि आरोपी जफर शेख उसे बहला-फुसलाकर खेत में ले गया और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाने लगा. इंकार करने पर आरोपी ने मारपीट कर उसे घायल कर दिया और जबरन दुष्कर्म किया. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आइपीसी की धारा 363, 376(1) और पोक्सो अधिनियम की धारा 4 और 8 के तहत आरोप पत्र दाखिल किया. मामले की सुनवाई विशेष पॉक्सो कोर्ट में हुई, जहां अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनी गईं. सुनवाई के दौरान डॉक्टर, अन्वेषण पदाधिकारी समेत कुल नौ गवाहों का परीक्षण हुआ. सभी साक्ष्यों, गवाहों और दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए सश्रम कारावास की सजा सुनाई. इस मामले में अभियोजन की ओर से सहायक लोक अभियोजक लुकास कुमार हेंब्रम ने पैरवी की.

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