सिदो-कान्हू हूल बैसी पदयात्रा का पारंपरिक तरीके से हुआ स्वागत

पाकुड़. 170वें हूल दिवस पर दुमका के पोखरा चौक से भोगनाडीह के लिए निकली सिदो-कान्हू हूल बैसी पदयात्रा शुक्रवार की शाम अमड़ापाड़ा पहुंची.

28 जून फोटो संख्या-07 कैप्शन- स्वागत करते नगर प्रतिनिधि, पाकुड़. 170वें हूल दिवस पर दुमका के पोखरा चौक से भोगनाडीह के लिए निकली सिदो-कान्हू हूल बैसी पदयात्रा शुक्रवार की शाम अमड़ापाड़ा पहुंची. इस पदयात्रा का आयोजन गोटा भारत सिदो-कान्हू हूल बैसी, जोहार मानव संसाधन विकास केंद्र, प्रेम संस्था, अनुसूचित जाति-जनजाति रक्षा समिति एवं होली फेथ चंद्रपुरा के तत्वावधान में किया गया है. अमड़ापाड़ा पहुंचने पर दुर्गा मंदिर चौक पर आदिवासी यूथ क्लब की ओर से पारंपरिक स्वागत किया गया. क्लब की युवतियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किये. यात्रा का नेतृत्व डॉ प्रमोदिनी हांसदा, गमालिएल हांसदा, सुशील सोरेन, डॉ संजय सिबास्टिन मरांडी, पीटर हेम्ब्रम एवं निर्मला टुडू कर रहे हैं. पदयात्रा स्थानीय बाजार से होते हुए प्रखंड कार्यालय परिसर पहुंची, जहां सिदो-कान्हू, तिलका मांझी, बिरसा मुंडा, गांधीजी, बाबा साहेब डॉ भीम राव आंबेडकर और डॉ राधाकृष्णन की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गयी. पदयात्रियों ने बताया कि हूल बैसी यात्रा का उद्देश्य शहीद स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति को जीवित रखना है. उन्होंने कहा कि संताल हूल आंदोलन ने आदिवासी समाज की एकता और बलिदान का अद्भुत उदाहरण पेश किया, जिसे पीढ़ियों तक याद रखा जायेगा.

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