प्रतिनिधि, महेशपुर महाशिवरात्रि के दूसरे दिन प्रखंड मुख्यालय स्थित श्रीश्री 1008 बूढ़ा बाबा शिव मंदिर में सोमवार को मंदिर प्रांगण में आदिवासी सफाहोड़ श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. बताते चलें कि सफाहोड़ आदिवासी भी भगवान शिव की आराधना आदि काल से करते आ रहे हैं. धर्म गुरुओं के साथ महेशपुर प्रखंड के कई मंदिरों में शिवरात्रि पर झुंड में जुटकर सादे लिबास में महिला व पुरुष भगवान की अपने परंपरागत तरीके से पूजा-अर्चना की. वही सफाहोड़ समुदाय के पुरखा बाबा (गुरू) बीबी टुडू का कहना है कि वे जीवन भर सात्विक भोजन करते हैं. पहनावा से लेकर जीवन में वे सादगी अपनाते हैं. हर बार शिवरात्रि पर उनकी अपने भक्तों के साथ जमघट लगती है. झुंड में वे लोटा में जल लेकर सामूहिक पूजा- अर्चना कर परिवार व समाज की शांति व सुख समृद्धि की कामना करते हैं. शिव उनके आराध्य हैं. इस अवसर पर धवाबथान गांव के पुरखा बाबा बीबी टुडू के अलावे अमीन मरांडी, सुनिराम हेम्ब्रम, लखीराम हांसदा सहित हजारों की संख्या में आदिवासी सफाहोड़ भक्त पूजा करने पहुँचे थे.
महेशपुर शिव मंदिर में सफाहोड़ श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना
धर्म गुरुओं के साथ महेशपुर प्रखंड के कई मंदिरों में शिवरात्रि पर झुंड में जुटकर सादे लिबास में महिला व पुरुष भगवान की अपने परंपरागत तरीके से पूजा-अर्चना की.
