नगर प्रतिनिधि, पाकुड़. पाकुड़ नगर परिषद में सड़क विकास योजनाओं के चयन को लेकर विवाद गहरा गया है. कई वार्ड पार्षदों ने 21 में से सिर्फ 11 वार्डों के लिए सड़क योजनाओं का चयन किये जाने पर सवाल उठाया है. पार्षदों का आरोप है कि शेष 10 वार्डों को योजनाओं से वंचित रखा गया है. उन्होंने मामले की जांच पूरी होने तक निविदा के आधार पर कार्यादेश जारी करने और निर्माण कार्य शुरू करने पर रोक लगाने की मांग की है.
11 वार्डों के लिए निविदा, 10 वार्ड योजना से बाहर
वार्ड संख्या 3 के पार्षद किरण लाल कापरी और वार्ड संख्या 1 के पार्षद मिथुन मरांडी ने बताया कि नगर परिषद के 21 वार्डों में से केवल 11 वार्डों के लिए सड़क विकास योजनाओं का चयन किया गया है. चयनित योजनाओं की निविदा भी प्रकाशित कर दी गयी है.
पार्षदों के अनुसार वार्ड संख्या 1, 2, 3, 4, 12, 13, 15, 17, 20 और 21 को योजनाओं से बाहर रखा गया है. उनका कहना है कि इस तरह कई वार्डों को विकास योजनाओं से वंचित रखने से नगर परिषद के संतुलित और समावेशी विकास का उद्देश्य प्रभावित होगा.
नियमों के अनुसार योजना चयन नहीं करने का आरोप
पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर विकास विभाग के वर्ष 2014 के गजट में निर्धारित जनसंख्या, क्षेत्रफल और अधिकतम जनसंख्या को अधिकतम लाभ देने के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए सड़क योजनाओं का चयन नहीं किया गया है.
उनका कहना है कि सभी वार्डों की जरूरत और वहां की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के बाद योजनाओं का चयन किया जाना चाहिए, ताकि विकास का लाभ सभी क्षेत्रों तक समान रूप से पहुंच सके.
बोर्ड बैठक में नहीं मिल सकी योजनाओं को मंजूरी
पार्षदों ने बताया कि शेष 10 वार्डों के लिए तैयार की गयी योजनाओं को 2 जुलाई को हुई नगर परिषद की बोर्ड बैठक में मंजूरी नहीं मिल सकी. इसके बाद योजना चयन को लेकर सवाल और गहरा गया है.
पार्षदों ने मांग की है कि जब तक पूरे मामले की जांच नहीं हो जाती, तब तक प्रकाशित निविदा के आधार पर कार्यादेश जारी नहीं किया जाये और किसी भी योजना पर काम शुरू न किया जाये.
नियम विरुद्ध चयन हुआ तो हो योजनाओं की समीक्षा
पार्षदों का कहना है कि यदि जांच में मौजूदा योजना चयन प्रक्रिया नियम विरुद्ध पायी जाती है तो उसकी समीक्षा की जानी चाहिए. इसके बाद नगर परिषद के सभी 21 वार्डों की आवश्यकता के आधार पर नये सिरे से योजनाओं का चयन किया जाये.
मामले को लेकर पार्षदों ने उपायुक्त को भी ज्ञापन सौंपा है. सौंपे गये आवेदन में वार्ड संख्या 1, 3, 4, 12, 13, 15 और 17 के पार्षदों के हस्ताक्षर शामिल हैं.
पार्षदों का कहना है कि नगर परिषद की योजनाओं में सभी वार्डों को समान अवसर और जरूरत के आधार पर प्राथमिकता मिलनी चाहिए, ताकि किसी क्षेत्र के साथ विकास के मामले में भेदभाव न हो.
