पाकुड़िया : झामुमो प्रखंड समिति की आपात बैठक बुधवार को प्रखंड कार्यालय पाकुड़िया में अध्यक्ष मोतीलाल हांसदा की अध्यक्षता में हुई. बैठक में आगामी 7 सितंबर को प्रखंड मुख्यालय में केंद्र सरकार के खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के विरोध में प्रस्तावित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई.
अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी पर जोर
बैठक में पंचायत अध्यक्षों और सचिवों को अपने-अपने क्षेत्रों से अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. इसके लिए पंचायत एवं गांव स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया गया. पंचायत स्तर पर पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भी की गई.
विधेयक को लेकर विधायक ने जताया विरोध
महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी ने कहा कि खान एवं खनिज संशोधन विधेयक राज्यों के संवैधानिक अधिकारों को प्रभावित करने वाला काला विधेयक है. उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज आधारित राज्य है और राज्य को खनन से बड़ी मात्रा में राजस्व प्राप्त होता है. विधेयक के प्रभाव से राज्य के वित्तीय हित और जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं.
लोकतांत्रिक तरीके से लड़ाई लड़ने की बात
विधायक ने कहा कि इसके खिलाफ झामुमो लोकतांत्रिक तरीके से लड़ाई लड़ेगा. उन्होंने कार्यकर्ताओं से धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए अभी से जनसंपर्क अभियान में जुटने की अपील की.
ये रहे मौजूद
बैठक में महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी, जिला उपाध्यक्ष सह पर्यवेक्षक हरिवंश चौबे और बुद्धिजीवी मोर्चा के जिलाध्यक्ष देबीलाल हंसदाक समेत प्रखंड समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे.
