एमडीए-आईडीए कार्यक्रम की तैयारियां तेज

पाकुड़ स्वास्थ्य विभाग ने एमडीए और आईडीए कार्यक्रमों के सफल संचालन को लेकर बैठक की, जिसकी अध्यक्षता प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर के के सिंह ने की। उन्होंने वर्ष 2026 फरवरी में होने वाले कार्यक्रम की पूरी तैयारी का निर्देश दिया। अधिकारियों को स्कूलों में जागरूकता अभियान, रात्रि चौपाल, ग्राम सभा और ड्रम बटिंग के माध्यम से सूचना देने के निर्देश दिए गए। एमडीए कार्यक्रम फाइलेरिया जैसी बीमारियों को समाप्त करने के लिए है, जबकि आईडीए फाइलेरिया, कालाजार और कुष्ठ रोग जैसी बीमारियों के नियंत्रण एवं समाप्ति हेतु दवा वितरण को बढ़ाने की रणनीति है। ये प्रयास जनस्वास्थ्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रतिनिधि,पाकुड़. स्वास्थ्य विभाग ने एमडीए और आईडीए कार्यक्रमों के सफल संचालन को लेकर शनिवार को पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बैठक आयोजित की. बैठक की अध्यक्षता प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर के के सिंह ने की. उन्होंने वर्ष 2026 के फरवरी माह में होने वाले कार्यक्रम की तैयारी अभी से पूर्ण करने का निर्देश दिया. डॉक्टर के के सिंह ने एमपीडब्लु समेत संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने, रात्रि चौपाल करने, ग्राम सभा आयोजित करने और ड्रम बटिंग के माध्यम से जानकारी देने के निर्देश दिए. एमडीए कार्यक्रम खासकर फाइलेरिया जैसी बीमारियों को खत्म करने के उद्देश्य से चलाया जाता है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा से वंचित न रहे. वहीं आईडीए एक स्वास्थ्य रणनीति है जिसका उद्देश्य फाइलेरिया, कालाजार और कुष्ठ रोग जैसी बीमारियों को नियंत्रित करने या समाप्त करने के लिए दवाओं के वितरण और प्रशासन की तीव्रता को बढ़ाना है. यह प्रयास जनस्वास्थ्य को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

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By RAGHAV MISHRA

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